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उत्तर प्रदेश का मुगलसराय जंक्शन अब दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन हो गया है. राज्यपाल राम नाईक ने जंक्शन का नाम बदलने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है.

गृह विभाग से अनापत्ति मिलने के बाद राज्यपाल राम नाईक ने सोमवार को नाम बदलने की अनुमति दे दी. जिसके बाद इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई है. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी.

उन्होंने लिखा कि नागरिकों की मांग को देखते हुए उत्तर प्रदेश में मुगलसराय जंक्शन का नाम परिवर्तित कर पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन किया गया. साथ ही, उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि अंत्योदय जैसा महान विचार देने वाले पंडित दीन दयाल जी के नाम से अब यह जंक्शन जाना जाएगा.

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बता दें की यूपी सरकार ने पिछले साल जून में मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. इसके बाद सरकार ने इस प्रस्ताव को रेल मंत्रालय के पास भेजा था. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से हर रोज 250 ट्रेनें गुजरती हैं. ये एशिया का सबसे बड़ा रेलवे यार्ड और एशिया की विशालतम कोयला मण्डी है.

उल्लेखनीय है वर्ष 1968 में आरएसएस-बीजेपी के विचारक दीनदयाल उपाध्याय का शव मुगलसराय स्टेशन पर संदिग्ध हालत में पाया गया था, जिसके बाद से ही आरएसएस और संघ परिवार से जुड़े अन्य संगठन दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर ही मुगलसराय स्टेशन का नाम चाहते थे. हालांकि ये पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जन्मस्थली भी है. इसलिए कांग्रेस ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए स्टेशन का नाम पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर रखे जाने की मांग की थी.

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