कथित गौरक्षा के नाम पर हो रही मॉब लिन्चिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही केंद्र और राज्य सरकार को कानून बनाने को निर्देश जारी कर चुका है। हालांकि अब तक सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मोदी सरकार का कोई जवाब नहीं आया है।

दूसरी और संसद का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने राज्‍य सभा में ‘मॉब लिंचिंग’ के मुद्दे पर शून्‍य काल नोटिस दिया है। वहीं कांग्रेस ने भी सरकार से साफ कर दिया है कि वो मानसून सत्र के दौरान कुछ मुद्दे उठाएगी। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) सदन में जोरदार तरीके से उठाएगी।

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार चार सालों में अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही है। उन्‍होंने मॉब लिंचिंग के बढ़ते मामलों के लिए सरकार की भर्त्‍सना करते हुए कहा कि लिंचिंग, गोरक्षा और लिंचिंग के आरोपियों का सम्मान देश भर में जारी है। सरकार इन लोगों से सीधे तौर पर जुड़ी है। मानसून सत्र में हम इन्‍हीं मुद्दों पर बहस करेंगे।

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उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। सरकार चुनाव से पहले अपने घोषणा पत्र में किए गए रोजगार, सबके साथ सबका विकास तथा कई अन्य महत्वपूर्ण वादों को पूरा करने में असफल रही है। हमारी पार्टी सरकार से जानना चाहेगी कि पिछले चार सालों में कितनी नौकरियों का सृजन हुआ और देश में कितना विदेशी निवेश हुआ।

उन्‍होंने थॉमसन रायटर्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत में महिला सुरक्षा पर हालिया रिपोर्ट आने के बाद हमें विश्वास हो गया है कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इस पर चर्चा होने की जरूरत है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।