Thursday, August 5, 2021

 

 

 

मोहन भागवत ने ‘राष्ट्रवाद’ को हिटलर से जोड़ा, कहा – राष्ट्र या राष्ट्रीय शब्दों का हो इस्तेमाल

- Advertisement -
- Advertisement -

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने राष्ट्रवाद के मसले पर बड़ा बयान दिया है। भागवत ने कहा है कि हमें ‘राष्ट्रवाद’ शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसका अर्थ नाज़ी या हिटलर से निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि आरएसएस का विस्तार देश के लिए है। हमारा लक्ष्य भारत को विश्वगुरू बनाने का है।

झारखंड के रांची स्थित मोहारबादी में आयोजित ‘संघ समागम’ में हिस्सा लेने पहुंचे भागवत ने कहा कि भारत को बनाने में हिन्‍दुओं की जवाबदेही सबसे अधिक है। हिंदू अपने राष्‍ट्र के प्रति और जिम्‍मेदार बनें। उन्होंने कहा कि ‘हिंदू’ भारत के सभी धर्मों का प्रतिनिधित्व करता है और उन्हें एक सूत्र में जोड़ता है। भारत को विश्‍वगुरु बनाना सभी का लक्ष्य होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दुनिया के सामने इस वक्त ISIS, कट्टरपंथ और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे बड़ी चुनौती हैं। भागवत ने कहा कि विकसित देश क्या करते हैं, वो अपने व्यापार को हर देश में फैलाना चाहते हैं। इसके जरिए वो अपनी शर्तों को मनवाना चाहते हैं।

RSS प्रमुख ने कहा कि दुनिया के सामने जो बड़ी समस्याएं हैं, उनसे सिर्फ भारत ही निजात दिलवा सकता है ऐसे में हिंदुस्तान को दुनिया का नेतृत्व करने की सोचना चाहिए। देश की एकता ही असली ताकत है, इसका आधार अलग हो सकता है लेकिन मकसद समान ही है।

भागवत का कहना है कि हिंदू ही एक ऐसा शब्द है जो भारत को दुनिया के सामने सही तरीके से पेश करता है। बेशक देश में कई धर्म हैं लेकिन हर व्यक्ति एक शब्द से जुड़ा हुआ है जो हिंदू है। ये शब्द देश की संस्कृति को दुनिया के सामने दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि संघ देश में विस्तार के साथ-साथ हिंदुत्व के एजेंडे पर आगे बढ़ता रहेगा जो देश को जोड़ने का काम करेगा। हम सभी को मानवता के साथ जीना सीखना होगा। इसके लिए देश में प्यार काफी जरूरी है। संघ में हम कार्यकर्ताओं को इसे लेकर ही ज्ञान देते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles