तिरुवंतपुरम | आज पूरा देश 70वा स्वतंत्रता दिवस बड़ी ही धूमधाम से मना रहा है. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले पर ध्वजारोहण के बाद देश को संबोधित किया. इसके अलावा सभी सुबो के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने अपने प्रदेश में तिरंगा झंडा फहराया. वही केरल में राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने एक सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में तिरंगा फहराकर एक नए विवाद को जन्म दे दिया.

दरअसल जिला प्रशासन और पुलिस ने स्कूल को निर्देश दिया था की वह किसी जनता के प्रतिनिधि या स्कूल प्रशासन के किसी आदमी से झंडारोहण करा सकते है. लेकिन स्कूल ने मोहन भागवत को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया हुआ था. इसलिए उनकी जिद्द थी की स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भागवत ही ध्वजारोहण करेंगे. लेकिन जिला प्रशासन की और से स्कूल को इजाजत नही दी गयी थी.

मिली जानकारी के अनुसार कर्नाकेयमन स्कूल प्रबंधन से जिला प्रशासन की और से गया था की वो स्कूल राज्य सरकार की और से सहायता प्राप्त है इसलिए वो किसी जनप्रतिनिधि से ध्वजारोहण करा सकते है. लेकिन मोहन भागवत को इसकी इजाजत नही है. लेकिन डीएम की मनाही के बाद भी आज सुबह मोहन भागवत मुख्य अथिति के तौर पर स्कूल पहुंचे और ध्वजारोहण किया. इस स्कूल को आरएसएस समर्थक माना जाता है.

बताते चले की आरएसएस हमेशा से तिरंगा फहराने को लेकर विवादित रहा है. इसका कारण यह है की आरएसएस ने आजादी के 55 साल तक भी अपने मुख्यालय पर कभी तिरंगा झंडा नही फहराया. पहली बार 2002 में नागपुर के संघ मुख्यालय में झंडा फहराया गया था. इसलिए हमेशा से ही विपक्षी दल आरएसएस पर राष्ट्रवाद का ढोंग करने का आरोप लगाता रहा है. उधर पीएम मोदी ने आज लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा.


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