दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में पुलिस लाइन पर हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के क्विक ऐक्शन टीम के सदस्य मोहम्मद यासीन की शहादत पर पूरी कश्मीर घाटी ग़मगीन हो गई.

तिरंगे में लिपटे हुए जब उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव लाया गया तो उनको आखिरी विदाई देने लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. हजारों की संख्या मेंं लोग उनके जनाजें में शरीक हुए और उनके लिए दुआ ए मगफिरत की.

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शनिवार को पुलवामा में आतंकियों ने उन पर उस वक्त हमला किया था जब वे एक अन्य कॉन्सटेबल दिनेश दीपक के साथ इस इमारत में विस्फोटक लगाने का काम कर रहे थे. ताकि आतंकियों के बाहर न निकलने या न पकड़ पाने की स्थिति में इमारत को ही उड़ाया जा सके.

इस दौरान एक आतंकी ने उन्हें देख लिया था और तीसरी मंजिल से उन पर निशाना साधकर गोली चलाई. यह गोली सीधे यासीन तेली के सिर में आकर लगी, हालांकि उससे पहले उनकी गोली भी आतंकी को ढेर कर चुकी थी. गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित यासीन बारामुला के रहने वाले थे.

इस दौरान  यासीन की बहन हनीफा ने कहा कि हमें गर्व है कि हमारा भाई मुल्क की हिफाजत करते हुए शहीद हुआ. बता दें कि सोमवार को भी आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर अब्दुल रशीद की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

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