Sunday, June 20, 2021

 

 

 

शहाबुद्दीन को दिल्ली हाईकोर्ट ने दी सशर्त पैरोल, मां-पत्नी और परिवार से करेंगे मुलाक़ात

- Advertisement -
- Advertisement -

पटना: बिहार के सीवान से सांसद रहे मो. शहाबुद्दीन को मां-पत्नी और परिवार से मिलने की इजाजत मिल गयी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में सजा काट रहे शहाबुद्दीन को तीन दिन की कस्टडी पैरोल की अनुमति दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने शहाबुद्दीन को हिदायत दी है कि वह इस दौरान परिवार के अलावा किसी अन्य से नहीं मिले।

न्यायमूर्ति एजे भंभानी की पीठ ने किसी भी तीन दिन में छह-छह घंटे की कस्टडी पैरोल की अनुमति देते हुए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के निर्देश दिए। पीठ ने स्पष्ट किया कि कस्टडी पैरोल के लिए शहाबुद्​दीन को मुलाकात के लिए दिल्ली में ही एक स्थान की जानकारी पहले ही जेल अधीक्षक को देनी होगा।

पीठ ने कहा कि उक्त स्थान का सत्यापन करने के साथ ही राज्य पुलिस वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करेगी। 19 सितंबर को पिता की मौत होने और मां के बीमार होने के आधार पर शहाबुद्​दीन ने कस्टडी पैरोल की मांग की थी। पीठ ने कहा कि शहाबुद्​दीन 30 दिन के भीतर इच्छानुसार कोई भी तीन तारीख चुन सकते है और उसे सुबह छह बजे से शाम चार बजे के बीच छह घंटे के लिए मुलाकात करने की अनुमति होगी। इन छह घंटों में यात्रा समय भी शामिल होगा।

शहाबुद्दीन की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने पीठ से कहा था कि 19 सितंबर को याचिकाकर्ता के पिता का निधन हो गया था और इसके बाद से ही उसकी मां बीमार चल रही हैं। वह उनके साथ समय बिताना चाहता है। ऐसे में उसे कस्टडी पैरोल दी जाए। उन्होंने जेल मैनुअल का हवाला देते हुए कहा था कि परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होने पर कस्टडी पैरोल दिए जाने का प्रावधान है।

बता दें कि इस मामले में बिहार पुलिस और दिल्ली पुलिस से शहाबुद्दीन को उनके गृह जिला बिहार के सिवान ले जाने पर सुरक्षा मुहैया कराने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने शाहबुद्दीन से 3 नवंबर को दिल्ली में ही परिवार से मिलने का सुझाव दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles