haribhai parthibhai chaudhary

सीबीआई में करोड़ों रुपए की घुस के मामले में NSA अजीत डोभाल, केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी और केन्द्रीय मंत्री हरिभाई पी चौधरी का नाम सामने आने के बाद मोदी सरकार बड़ी मुसीबत में आ गई है।

दरअसल, सीबीआई  के वरिष्ठ अधिकारी मनीष कुमार सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में दोनों पर CBI के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के मामले में जांच को बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होने कहा, हैदराबाद व्यवसायी सतीश बाबू सना ने पूछताछ के दौरान बताया कि केन्द्रीय मंत्री को कुछ करोड़ रुपये दिये गये थे।

अब केन्द्रीय कोयला राज्य मंत्री हरिभाई पी चौधरी ने सफाई देते हुए कहा, मनीष कुमार सिन्हा के आरोपों को ‘‘आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण” बताया है। उन्होंने कहा कि यदि ये आरोप साबित हो जाते हैं तो वह राजनीति छोड़ देंगे। चौधरी ने कहा कि वह व्यवसायी को जानते ही नहीं हैं।

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उन्होंने कहा, ‘‘मेरे खिलाफ बिल्कुल झूठे और आधारहीन आरोप लगाए गए हैं. मैं न तो सतीश बाबू सना को जानता हूं, और न ही मैं उससे मिला हूं…” चौधरी ने कहा, ‘‘मुझे आज विभिन्न मीडिया रिपोर्टों से पता चला कि माननीय उच्चतम न्यायालय में एक हलफनामा दाखिल किया गया है, जिसमें इस मामले का उल्लेख किया गया है।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा, मैं मेरी छवि को धूमिल करने के इस दुर्भावनापूर्ण प्रयास की निंदा करता हूं। मैं इस मामले में किसी भी जांच का स्वागत करूंगा और कानून को अपना काम करना चाहिए। यदि मैं दोषी साबित हो जाता हूं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा”

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