उत्तरप्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सत्ता संभालने के साथ ही राज्य में बिना लाइसेंस के चल रही मीट की दुकानों और अवैध बूचड़खानों पर की जा रही कारवाई ने एक नई बहस को जन्म दे दिया हैं. दरअसल भारत 90 करोड़ मांसाहारियों के साथ ही दुनिया का सबसे बड़ा बीफ निर्यातक हैं. ऐसे में की जा रही ये कारवाई सवालों के घेरे में हैं.

करीब 27 हजार करोड़ रुपये के साथ भारत विश्व में बीफ निर्यात में भारत पहले नंबर पर है. अमेरिकी कृषि विभाग के अनुसार, बीफ निर्यात में भारत और ब्राजील संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं. वित्त वर्ष 2015-16 में भारत ने 24 लाख टन बीफ निर्यात किया था. जो विश्व के कुल बीफ मार्केट में करीब 20 फीसदी हैं.

वहीँ ब्राजील ने इस दौरान 20 लाख टन और ऑस्ट्रेलिया ने 15 लाख टन बीफ निर्यात किया था. दुनिया में निर्यात होने वाले कुल बीफ में करीब 60 फीसदी हिस्सेदारी इन्हीं तीन देशों की है. 2013-14 में भारत की भागीदारी 20.8 फीसदी की थी. पिछले 5 सालों में कुल एक्सपोर्ट रेवेन्यू में बीफ निर्यात से होने वाली आय 0.76% से बढ़कर 1.56 फीसदी हो गई है.

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रेटिंग एजेंसी ICRA के अनुसार भारत ने 2015-16 में 26,682 करोड़ रुपये का मीट निर्यात किया था. 2020-21 तक भारत का मीट निर्यात कारोबार 40 हजार करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है. ICRA के अनुसार भारत में 2007-08 से बीफ निर्यात का कारोबार 29 फीसदी की दर से बढ़ रहा है. 2007-08 में भारत ने महज 3,500 करोड़ रुपये का कारोबार किया था. भारतीय बीफ के सबसे बड़े ख़रीदार देश हैं वियतनाम, मलेशिया, सऊदी अरब, थाइलैंड और मिस्र.

एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रॉडक्ट्स एक्सपोर्ट डवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) के मुताबिक भारत में सबसे ज्यादा बूचड़खाने उत्तर प्रदेश में  है जिनकी संख्या 38 है. भारत में कुल 72 लाइसेंसी बूचड़खाने है. वहीँ सैंपल रेजिस्ट्रेशन सिस्टम बेसलाइन सर्वे के 2016 आकंड़ों के अनुसार भारत में 71 फीसदी लोग मांसाहारी हैं.

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