नई दिल्ली | भारतीय रेलवे न केवल देश का सबसे बड़ा उपक्रम है बल्कि रोजाना लाखो यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचाता है. रेल से यात्रा करने वाले 95 फीसदी यात्री वो है जो सामान्य श्रेणी के टिकेट पर यात्रा करते है. इनमे काफी एक बड़ी संख्या उन लोगो की है जो रोजगार के लिए रोजाना ट्रेन का इस्तेमाल यातायात के तौर पर करते है. अब इन्ही लोगो को मोदी सरकार एक तगड़ा झटका देने वाली है.

दरअसल रेलवे में बढती दुर्घटनाओं को देखते हुए मोदी सरकार ने रेलवे सुरक्षा के लिए अलग फण्ड तैयार करने का फैसला किया है. इस फंड का इस्तेमाल रेल सुरक्षा पर किया जाएगा. हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार सरकार ने जनरल टिकेट पर दो फीसदी अतिरिक्त टैक्स लगाने का फैसला किया है. अब रेल यात्री को अपनी सुरक्षा के लिए कुछ अतिरिक्त पैसे खर्च करने होगे. यह दूसरा मौका है जब सरकार ने सुविधा देने के नाम पर टिकेट के दामो में बढ़ोतरी की है.

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सरकार का यह फैसला उन लोगो के लिए एक झटके की तरह है जो रोजाना रेल से सफ़र करते है. इस टैक्स की वजह से सामान्य श्रेणी से यात्रा करना महंगा हो जायेगा. बताते चले की देश में अभी मानवरहित क्रासिंग एक सपने की तरह है. इसके अलावा पुराने ट्रेक, पुराने सिग्नल सिस्टम आदि चीजे भी अपग्रेड होने का सपना देख रही है. फ़िलहाल रेलवे के ऊपर 32 हजार करोड़ रूपए का बोझा है जो रोजाना बढ़ता ही जा रहा है.

रेलवे को उम्मीद है की दो फीसदी टैक्स लगाकर उसको करीब 5 हजार करोड़ रूपए की अतिरिक्त आमदनी होगी. सरकार के इस फैसले से अवगत करते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा की हमें रेलवे और यात्रियों की सुरक्षा के लिए सेफ्टी फंड तैयार करना होगा. हमें उम्मीद है कि इसमें आम जनमानस हमारा सहयोग करेगा. उन्होंने कहा कि हमलोग सभी विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं.