24 हजार करोड़ रुपये में नहीं सुधरी Air India की हालत, अब उठाने जा रही सरकार ये बड़ा कदम

6:33 pm Published by:-Hindi News
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केन्द्र की मोदी सरकार ने सरकारी विमानन कंपनी Air India को बेचने की पूरी तैयारी कर ली है। वह भी ऐसे समय में जब एयर इंडिया को उबारने के लिए केन्द्र सरकार बीते पांच सालों के दौरान 24,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश कर चुकी है।

एयर इंडिया में सरकार ने साल 2017-18 में सबसे ज्यादा 6,427 करोड़ रुपए का निवेश किया था। 2019-20 के बजट में सरकार ने एयर इंडिया को 7000 करोड़ रुपए की रकम वितरित की है। हालांकि इस बजट में सरकार ने बजट के अतिरिक्त एयर इंडिया को दी जाने वाली मदद को घटाकर 434 करोड़ रुपए कर दिया है।

बता दें कि अक्टूबर के बाद से एयर इंडिया के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने के भी पैसे नहीं होंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, सरकार एयर इंडिया से बाहर निकल सकती है। बीते वर्ष भी सरकार एयर इंडिया को बेचना चाहती थी। लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के कारण सरकार ने इसे रोक दिया था। अब सरकार इसे बेचने के लिए एक बार फिर सक्रिय हुई है।
निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन (दीपम) के सचिव अतानु चक्रवर्ती ने बताया कि अभी इसपर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उनका मानना है कि, ‘सरकार को निवेशक द्वारा कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने से कोई आपत्ति नहीं होगी।’ बता दें कि सरकार ने एयर इंडिया को सात हजार करोड़ रुपये की सॉवरन गारंटी दी थी, जिसमें से कंपनी के पास अब सिर्फ 2,500 करोड़ रुपये ही बचे हैं। इस राशि का इस्तेमाल वह जल्द कर लेगी।
बता दें कि सरकार ने एयर इंडिया को सात हजार करोड़ रुपये की सॉवरन गारंटी दी थी, जिसमें से कंपनी के पास अब सिर्फ 2,500 करोड़ रुपये ही बचे हैं। इस राशि का इस्तेमाल वह जल्द कर लेगी। मामले से जुड़े एक अधिकारी का कहना था कि ये 2,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी तेल कंपनियों और हवाईअड्डों के संचालकों सहित विक्रेताओं का बकाया चुकाने और कुछ महीनों के लिए वेतन का भुगतान करने के लिए करेगी।

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