मॉब लिं’चिंग पर मोदी सरकार का कानून बनाने से इंकार, NCRB का डाटा भी नकारा

11:28 am Published by:-Hindi News

देश में बढ़ती मॉब लींचिंग की घटनाओं से केंद्र की मोदी सरकार ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। इन घटनाओं को राज्यों की कानून-व्यवस्था का मुद्दा बताते हुए संसद में कहा सरकार ने कि मॉब लिंचिंग को लेकर नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) का डाटा सही नहीं है।

राज्यसभा में बुधवार (17 जुलाई 2019) को एक सवाल के जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा ‘संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत राज्य कानून और कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार हैं। राज्य सरकारें अपराधों की रोकथाम, पता लगाने, जांच और अपराधियों पर मामला चलाने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के माध्यम से अपराधियों पर मुकदमा चलाती है।’

मॉब लिंचिंग की घटनाओं में बढ़ोतरी के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि एनसीआरबी का डाटा सही नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) किसी भी अपराध को ’हेट क्राइम’ के रूप में परिभाषित नहीं करता और इसलिए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) हेड क्राइम के नाम पर कोई डाटा नहीं तैयार करता है।

बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार साफ कर चुकी है कि वह भीड़ हिंसा के खिलाफ केंद्रीय स्तर पर कानून बनाने के पक्ष में नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, गृहमंत्रालय ऐसी किसी सिफारिश पर गौर नहीं कर रहा है। ऐसे मामलों से निपटने के लिए पर्याप्त कानून हैं और राज्यों को इस संबंध में सख्ती से पेश आना चाहिए।

पिछली सरकार में भीड़ हिंसा पर एक मंत्री समूह का गठन किया गया था। गृहसचिव की अध्यक्षता में भी एक समिति बनाई गई थी। इन समितियों की रिपोर्ट का सरकार ने कोई स्टेटस सार्वजनिक नहीं किया है।

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