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केंद्र की मोदी सरकार के प्रचार खर्च को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। हर साल ये खर्च बढ़ता जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और अन्य माध्यमों के जरिये किया गया इस प्रचार पर  वर्ष 2014-15 के दौरान 5200 करोड़ रुपये खर्च किया गया। सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में गुरुवार को यह जानकारी दी।

राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में गुरुवार को विवरण देते हुए केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि 2014-15 में 979 .78 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, वहीं साल 2015-16 में 1,160.16 करोड़ रुपये खर्च किए गये। जबकि 2016-17 में 1,264.26 करोड़ रुपये और साल 2017-18 में 1,313.57 करोड़ रुपये खर्च किए गये। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2018-19 में 7 दिसंबर तक 527.9 6 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

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सरकार की तरफ से प्रचार के लिए खर्च किए गए 5200 करोड़ में 2,282 करोड़ रुपए प्रिंट माध्यम पर खर्च किए गए। वही, 2,312.59 करोड़ रुपए पब्लिसिटी के लिए ऑडियो विजुअल माध्यम पर खर्च हुए। इतना ही नहीं सरकार ने आउटडोर प्रचार पर भी 651.14 करोड़ रुपए खर्च किए।

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बीते माह नवंबर में ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल भी बीजपी के सबसे ज्यादा देखे गए ऐड की रिपोर्ट लाया था। आंकड़ों के मुताबिक, 16 नवंबर को खत्म हुए सप्ताह में विमल को पीछे छोड़ते हुए भाजपा पहले पायदान पर काबिज हो गई थी। जबकि बीजेपी की प्रतिद्वंदी कांग्रेस टॉप 10 में भी नहीं थी।

एक अन्य सवाल के लिखित उत्तर में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हवाई अड्डा प्राधिकरण ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान 27 हवाई अड्डों की देखरेख पर 2.61 करोड़ रुपये खर्च किए। वहीं हैरानी की बात तो ये है कि इन हवाई अड्डों से विमानों ने न तो उड़ान भरी और न ही वहां लैंडिंग हुई है।

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