ईसाईयों के सबसे बड़े धर्मगुरू पोप फ्रांसिस सोमवार से एशियाई देशों के दौरे पर निकले है. रोहिंग्या संकट को हल करने के मकसद से वे म्यांमार पहुंचे है और फिर बांग्लादेश की यात्रा करने वाले है.

इसी बीच भारत सरकार द्वारा पोप फ्रांसिस को आमंत्रित नहीं करने पर ईसाई समुदाय में नाराजगी है. दरअसल टिकन सिटी ने अगस्त में इन दोनों देशों के दौरे की घोषणा की थी. ईसाई समुदाय ने भारत द्वारा निमंत्रण दिलवाने की कोशिश भी की थी. लेकिन को सफलता नहीं मिली.

ध्यान रहे पोप को भारत बुलाने के लिए एक विशेष न्योता दिया जाता है जिसमें कहा जाता है कि वह राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के मेहमान होंगे. लेकिन इस बार भारत सरकार ने ऐसा विशेष न्योता नहीं दिया.

ऐसे में कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (CBCI) के महासचिव बिशप थिओडोर मास्कारेंहस ने कहा कि उन्हें पोप के भारत ना आने का काफी दुख है. उन्होंने कहा,“यह काफी दुख की बात है, अगर वह भारत आते तो यह पूरे देश के लिए गर्व की बात होती, यह बेहद शर्मनाक है कि पोप हमारे पड़ोस में आ रहे हैं, वह दो छोटे से देशों में जा रहे हैं लेकिन भारत नहीं आएंगे. एक भारतीय होने के नाते मुझे इस बात का काफी दुख है.

आप को बता दें कि भारत की अंतिम पोप यात्रा साल 1999 में पोप जॉन पॉल द्वितीय द्वारा हुई थी जो कि अटल बिहारी वाजपेयी की अध्यक्षता वाली पिछली एनडीए सरकार के दौरान थी.

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