कृषि बिल को लेकर देश भर में किसानो का विरोध-प्रदर्शन जारी है। इसी बीच मोदी सरकार ने किसानो को बड़ा तोहफा देते हुए खरीफ की फसलों (Kharif Crop) की सरकारी खरीद के लिए अडवांस में ही पेमेंट जारी कर दिया है। जिसके बाद अब किसानों को फसल बेचने के तुरंत ही पैसा मिल जाएगा।

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (National Cooperative Development Corporation) ने हरियाणा, तेलंगाना (Telangana) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price – MSP) पर खरीफ धान की खरीद के लिए पहली किस्त के तौर पर 19,444 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं।

इस राशि के तहत छत्तीसगढ़ को सबसे ज्यादा 9,000 करोड़ रुपये, फिर हरियाणा को 5,444 करोड़ रुपये और तेलंगाना को 5,500 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

वहीं केंद्र सरकार ने करेंट फिस्कल ईयर के लिए सामान्य किस्म धान के लिए 1,868 रुपये प्रति क्विंटल और A ग्रेड किस्म 1,888 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से MSP तय की है। सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान पंजाब से 113 लाख टन और हरियाणा से 44 लाख टन चावल खरीदने का लक्ष्य रखा है। वहीं पूरे देश के लिए कुल चावल खरीद लक्ष्य 495.37 लाख टन रखा गया है।

दूसरी और  कृषि कानून का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। केरल के सांसद टीएन प्रथापन ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर इन नए कानूनों को रद्द करने की मांग की है।

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