जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर जारी घमासान के बीच अब केंद्र की मोदी सरकार के निशाने पर जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी आ गई है।

इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार, डायरेक्टर जनरल ऑफ ऑडिट (डीजीएसीई) ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को खत लिखकर जामिया हमदर्द के खातों की जांच के लिए राष्ट्रपति की विशेष अनुमति मांगी है।

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मंत्रालय ने जामिया हमदर्द के पिछले 5 साल के खातों को डीजीएसीई के पास भेजा है। बता दें कि जामिया हमदर्द का कुल खर्च 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है और यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) की और से सिर्फ 8 करोड़ रुपये मिलते हैं।

ऐसे में राष्ट्रपति से विशेष अनुमति की मांग की गई है क्योंकि नियमों के मुताबिक किसी संस्थान की तब तक ऑडिटिंग नहीं की जा सकती, जब तक कि सरकार उसका 75 पर्सेंट खर्च न उठा रही हो।

डायरेक्टर जनरल ऑफ ऑडिट (सेंट्रल एक्सपेंडेचर) ममता कुंद्रा ने बताया कि जामिया हमदर्द के खातों की जांच करने की प्रक्रिया काफी लंबी होगी क्योंकि इसके लिए एचआरडी मिनिस्ट्री को फाइनेंस मिनिस्ट्री और राष्ट्रपति से विशेष अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कहा कि सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा।