मोदी सरकार ने देश में रह रहे लगभग 40 हज़ार रोहिंग्या मुसलमानों को वापस म्यांमार भेजने की पूरी तैयारी कर ली हैं. हालांकि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन के आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल देश में 14,000 रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थी रहते हैं.

केंद्र सरकार अब इन्हें गिरफ्तार कर वापिस म्यामांर भेजने वाली है. फॉरनर्स ऐक्ट के तहत इन लोगों की पहचान कर इन्हें वापस भेजा जाएगा. सोमवार को केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में भारत में अवैध रूप से बसे रोहिंग्या मुस्लिमों की पहचान, गिरफ्तारी और उन्हें देश से बाहर भेजने पर काम करने को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई.

इस बैठक में जम्मू-कश्मीर के चीफ सेक्रटरी, डीजीपी, गृह मंत्रालय में जम्मू-कश्मीर के जॉइंट सचिव के तौर पर काम करने वाले अधिकारी और बीएसएफ एवं इंटेलिजेंस के सीनियर अधिकारियों ने हिस्सा लिया. बता दें कि म्यांमार सरकार ने 1982 में राष्ट्रीयता कानून बनाया था जिसमें रोहिंग्या मुसलमानों का नागरिक दर्जा खत्म कर दिया गया था. जिसके बाद से ही म्यांमार सरकार रोहिंग्या मुसलमानों को देश छोड़ने के लिए मजबूर करती आ रही है.

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ऐसे में केंद्र सरकार के लिए ये आसान काम नहीं होगा. हालांकि म्यामांर में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ हिंसा के बाद भारत में बसे इन लोगों को अब तक किसी संदिग्ध या आतंकी घटना में नहीं पक़ड़ा गया है

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