नई दिल्लीः केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) पर 84.4 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया। दरअसल, पीटीआई पर दिल्ली में संसद मार्ग कार्यालय के लिए आवंटित की गई भूमि से जुड़ी लीज की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप है।

स्क्रॉल की रिपोर्ट के मुताबिक, आवास एवं शहरी मंत्रालय के तहत लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस ने सात जुलाई को पीटीआई को यह नोटिस भेजा गया, जिसमें दिल्ली में अपने कार्यालय के उल्लंघनों का आरोप लगाया गया है। नोटिस में कहा गया कि पीटीआई को गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर लिखित में देना होगा कि वे जमीन का दुरुपयोग और इसे क्षति पहुंचाए जाने की वजह से जुर्माने का भुगतान करेंगे।

पीटीआई को भुगतान करने के लिए 7 अगस्त तक का समय दिया गया है और यदि यह नहीं किया गया तो बकाए पर 10 प्रतिशत ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा। किसी भी स्पष्टीकरण के लिए पीटीआई को एक सप्ताह का समय दिया गया है। नोटिस में कहा गया कि अगर पीटीआई ने शर्तों का पालन नहीं किया तो रियायत वापस ले ली जाएगी।

1949 में शुरू हुआ पीटीआई एक 16-सदस्यीय बोर्ड द्वारा शासित है, जिसमें पत्रकार और स्वतंत्र सदस्य शामिल हैं। पीटीआई की वेबसाइट के अनुसार एजेंसी 400 से अधिक पत्रकारों और 500 स्ट्रिंगरों को नियुक्त करती है और एक दिन में 2,000 से अधिक कहानियां और 200 तस्वीरें डालती है।

वेबसाइट बताती है कि पीटीआई ने अपने वैश्विक समाचार फुटप्रिंट को बढ़ाने के लिए कई विदेशी समाचार एजेंसियों के साथ आदान-प्रदान की व्यवस्था की है। बता दें कि हाल ही में पीटीआई द्वारा चीन में भारतीय राजदूत का साक्षात्कार करने के बाद उनके बयान प्रसारित करने पर प्रसार भारती ने समाचार एजेंसी पीटीआई को ‘देशद्रोही’ कहते हुए उनसे सभी संबंध तोड़ने की धमकी दी थी।

Loading...
लड़के/लड़कियों के फोटो देखकर पसंद करें फिर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

 

विज्ञापन