केंद्र की मोदी सरकार ने अडानी समूह को बड़ी राहत दी है. राजस्व-आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने अडानी समूह की फर्म को जारी किया कारण बताओ नोटिस को रद्द कर दिया है.

अडानी एंटरप्राइजेज की महाराष्‍ट्र ईस्‍टर्न ग्रिड पावर ट्रांसमिशन कंपनी लि. (MEGPTCL), इलेक्‍ट्रोजेन इंफ्रा FZE, UAE (EIF) और अहमदाबाद की पीएमसी प्रोजेक्‍ट्स (भारत) प्राइवेट लि पर आयातित ऊर्जा उपकरण को 380 फीसदी महंगा दिखाने का आरोप था.

जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार, डीआरआई के न्‍यायिक प्राधिकारी, केवीएस सिंह ने 18 अक्‍टूबर को दिए आदेश में कहा  कि ”मैं MEGPTCL, PMC, EIF, विनोद शांतिलाल अडानी…” के खिलाफ शुरू की जांच बंद करता हूं.

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इस आदेश में 2014 में डीआरआई द्वारा अडानी समूह पर लगाए गए 5,467 करोड़ रुपये के आरोप खारिज कर दिए गए हैं. ध्यान रहे रकम के आधार पर अडानी ग्रुप के खिलाफ लगे आरोप एजंसी में आया अब तक का सबसे बड़ा मामला है.

डीआरआई ने पिछले नोटिस में आरोप लगाया था कि MEGPTCL ने पीएमसी प्रोजेक्‍ट्स के जरिए 1,493.84 करोड़ रुपये का ‘अतिरिक्‍त प्रेषण’ किया.

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