प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नोटबंदी का आदेश दिए जाने के बाद मोदी सरकार के मंत्रियों ने दावा किया था कि नोटबंदी से कई लाभ होंगे. जिनमे से एक नक्सली और आतंकियों की फंडिंग पर लगाम लग जाएगी. जिसे वे अपनी वारदात अंजाम नहीं दे पायेंगे.

लेकिन इस्की हकीकत तो पहले ही कश्मीर में हुए आतंकी हमलें ने खोलकर रख दी थी. लेकिन अब सुकमा में हुए नक्सली हमलें ने भी नोटबंदी के दावे के फ़ैल होने पर मुहर लगा दी हैं. खुद बीजेपी के नेता ने इस बात को स्वीकार किया हैं.

सुकमा हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व गृह सचिव और बीजेपी सांसद आरके सिंह ने कहा कि नोटबंदी से नक्सलियों की कमर टूट गई, ऐसा नहीं कहा जा सकता.

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उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि नोटबंदी के बाद भी नक्सलियों ने उगाही और लूट जारी रखी. इनके पास पैसे की कमी नहीं हुई. आर के सिंह ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में नक्सली पकड़े जा रहे हैं या मारे जा रहे हैं. इस लड़ाई में हम लोग एक दिन जरूर जीतेंगे.

खुफिया तंत्र की नाकामयाबी के सवाल पर आरके सिंह का कहना है कि जमीनी स्तर पर हमारा खुफिया तंत्र कमजोर है. उसे मजबूत करना पड़ेगा, क्योंकि गांव वाले जल्दी नक्सलियों के इनफॉर्मर बन जाते हैं.