नई दिल्ली | नोट बंदी के बाद लोगो को डिजिटल भुगतान करने के तरीके बताने में सरकार ने करोडो रूपए खर्च कर दिए. इसके अलावा लोगो को इस और आकर्षित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रो में कुछ कार्यक्रम भी आयोजित किये गये. नोट बंदी के बाद से ही सरकार ने कैशलेस इकॉनमी को लेकर मुहीम छेड़ी हुई है. मोदी सरकार चाहती है की लोग कैश की जगह कार्ड का ज्यादा इस्तेमाल करे.

गुरुवार को राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा की 9 नवम्बर 2016 से 25 जनवरी 2017 तक जारी विज्ञापनों के लिए DAVP ने करीब 15 करोड़ रूपए का भुगतान किया है. यह पूरा भुगतान कैशलेस तरीके से किया गया.

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राठौर ने बताया की यह पहले से ही परम्परा रही है की अखबारों को किया जाने वाला भुगतान कैशलेस हो. इस पूरी मुहीम में सरकार द्वारा किये गए खर्चे का ब्यौरा देते हुए राठौर ने कहा की इसके लिए सरकार ने 93,93,28,566 रूपए खर्च किये है. यह पूरा खर्च नोट बंदी के फायदे गिनने और लोगो को डिजिटल इकॉनमी की और प्रोत्साहित करने के प्रचार में खर्च किया गया.

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने हर मंच से लोगो को डिजिटल इकॉनमी अपनाने की अपील की. उन्होंने ज्यादातर रैल्यो में कहा की अगर आप कार्ड से पेमेंट करना शुरू कर दे तो भ्रष्टाचार और कालाधन अपने आप समाप्त हो जायेया. इस मुहीम को और मजबूती देने के लिए सरकार ने भीम एप भी लांच की. इस एप के जरिये लोग बिना इन्टरनेट के भी पैसे ट्रान्सफर किये जा सकेंगे.

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