चंडीगढ़ | पिछले हफ्ते पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर पाकिस्तान को बिजली बेचने की इजाजत मांगी थी. जिसको प्रधानमंत्री ने मंजूरी दे दी है. मिली जानकारी के अनुसार मोदी की तरफ से अमरिंदर सिंह को हरी झंडी मिल चुकी है. मोदी की हाँ के बाद पाकिस्तान को बिजली बेचे जाने का रास्ता साफ़ हो गया है.

कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा की प्रधानमंत्री ने CII प्रतिनिधिमंडल को बिजली बेचने की इजाजत दे दी है. यह पंजाब जैसे प्रदेश के लिए एक अच्छी खबर है क्योकि फ़िलहाल प्रदेश का खजाना खाली है और रेवन्यू पैदा करने के श्रोत बहुत कम है. अमरिंदर सिंह ने यह भी बताया की पाकिस्तान को केवल सरप्लस बिजली ही बेचीं जाएगी.

अमरिंदर सिंह ने कहा की फ़िलहाल प्रदेश की बिजली जरुरत को पूरा करने के बाद हमारे पास 1000 मेगा वाट बिजली सरप्लस में बच रही है. इसका भार आम उपभोक्ता पर भी पड़ रहा है. इसलिए सरकार ने मोदी सरकार से सरप्लस बिजली को दुसरे देशो को बेचने की इजाजत मांगी है. इसके लिए हमने पाकिस्तान और नेपाल , दो नाम प्रधानमंत्री के सामने रखे थे.

इस बाबत CII का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मिला और अपनी मांग उनके सामने रखी. अमरिंदर सिंह ने बताया की इस प्रतिनिधिमंडल में रिन्यू पॉवर वेंचर के हेड और CII नार्थ प्रमुख सुमंत सिन्हा , मैनेजिंग डायरेक्टर वर्धमान स्पेशल स्टील और डिप्टी चेयरमैन CII नार्थ सचित जैन शामिल थे. अमरिंदर सिंह ने यह भी बताया की मोदी ने प्रतिनिधिमंडल से पाकिस्तान से व्यापर करने के कुछ और रास्ते तलाशने के लिए भी कहा है.

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