Monday, October 18, 2021

 

 

 

2010 से चल रहे आयुर्वेद संस्थान का उद्घाटन कर मनमोहन के काम की वाहवाही लूट रहे मोदी

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नई दिल्ली | प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संसथान का उद्घाटन कर इसे देश को समर्पित कर दिया. इस दौरान मीडिया में लगातार बताया गया की यह देश का पहला आयुर्वेद संस्थान है. लेकिन एक वेबसाइट ने दावा किया की जिस आयुर्वेद संस्थान का मोदी ने उद्घाटन किया वो कई साल पहले ही शुरू हो चूका है. यही नही उसमे मरीज देखे जा रहे है और उन्हें मुफ्त दवाये भी दी जा रही है.

मीडिया विजिल नामक वेबसाइट के अनुसार मोदी ने मंगलवार को जिस आयुर्वेद संस्थान का उद्घाटन किया वो 2010 से कार्यरत है. वेबसाइट ने अपने दावे को पुख्ता करने के लिए एक मरीज की पर्ची की तस्वीर भी जारी की. यही नही खुद पत्रकार ने दावा किया की उसने अपनी माँ का इलाज भी इसी अस्पताल में कराया था और उसे दवाए भी मुफ्त दी गयी थी. इस बात की पुष्टि आयुर्वेद संस्थान की वेबसाइट से भी होती है.

वेबसाइट में बताया गया है की इस संस्थान में 2010 से मरीजो को देखा जा रहा है. वेबसाइट पर बताया गया है की अस्पताल के ओपीडी का उद्घाटन 26 अक्टूबर 2010 को तत्कालीन यूपीए सरकार के स्वास्थ्य एव परिवार कल्याण मंत्री एस गांधीसेल्वन ने किया था. हालांकि बीजेपी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट और केंद्रीय आयुष मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में यही कहा गया है कि पीएम मोदी ने अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) का उद्घाटन किया.

यह दावा केवल कुछ मीडिया हाउसेस की तरफ से किया गया की मोदी जी ने देश के पहले आयुर्वेद संस्थान का उद्घाटन किया. उल्लेखनीय है की मोदी पर पहले भी ऐसे आरोप लगते आये है. 7 अक्टूबर को मोदी ने आईआईटी गांधीनगर को भी राष्ट्र को समर्पित किया था जबकि आईआईटी गांधीनगर की स्थापना साल 2008 में हुई थी और मौजूदा परिसर में वह साल 2015 से कार्यरत है. इसके अलावा असम में बने देश के सबसे लम्बे पुल का और जम्मू-कश्मीर में बनी सबसे लम्बी सड़क-सुरंग के उद्घाटन के समय भी कहा गया की मोदी , मनमोहन की परियोजनाओ का उद्घाटन कर रहे है.

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