विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने गुरुवार को दावा किया कि मुगल शासक शाहजहां ने दारा शिकोह को अपना उतराधिकारी बनाया था. साथ ही उसकी वजह बताते हुए कहा कि उसमें भाईचारगी का गुण था.

उन्होंने कहा दारा को शाहजहां द्वारा अपना सहायक बनाना भावनाओं पर आधारित नहीं था, क्योंकि जब आप इतिहास देखेंगे तो आपको एक बात का अहसास होगा कि भावनाएं अपेक्षाकृत आधुनिक प्रवृति हैं.

अकबर ने कहा कि मुगलों में सबसे बड़े बेटे को उत्‍तराधिकारी बनाने की परंपरा कभी नहीं रही. उन्होंने कहा कि शाहजहां जानते थे कि भारत पर आध्यात्मिकता के जरिये शासन किया जा सकता है. यह आध्यात्मिकता भाईचारे के दर्शन से आती है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

उन्होंने कहा कि ”दारा को चुनने का कारण था कि शाहजहां को पता था कि दारा भारत का बच्चा है. वह इस बात को समझते थे कि अगर आप लोगों के दिल को नहीं जीत सकते हैं तो उन पर शासन नहीं कर सकते हैं.”

गौरतलब रहे कि अकबर ने ये बात ”दारा शिकोह: भारत की आध्यात्मिक विरासत की पुनर्स्‍थापना” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही.

Loading...