नई दिल्ली: प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली और चीफ जस्टिस दीपक मिश्र पर सवाल उठाने वाले जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ को सीनियर वकील प्रशांत भूषण ने अपना समर्थन दिया है.

चीफ जस्टिस पर अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए प्रशांत ने कहा कि जिस तरह प्रसाद मेडिकल कॉलेज मामले में जो कुछ  चीफ जस्टिस ने किया. वो हतप्रभ कर देने वाला था. उन्होंने ये केस सीनियर जजों से लिया और उससे डील किया. और इसे जूनियर जजों को दे दिया गया.

भूषण ने कहा कि ये गंभीर बात ही नहीं थी बल्कि कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन भी था. जिस तरह सीजेआई अपनी ताकत का दुरूपयोग किया, उससे किसी को तो टकराना ही था. उन्होंने कहा कि जिस तरह ये चारों जज सामने आए ये ऐतिहासिक है तो दुर्भाग्यपूर्ण भी लेकिन ये जरूरी भी था.

भूषण ने बताया, ‘ सीजेआई अहम केसों को खास जजों के यहां लगा कर उन्हें डिसमिस करवा देते हैं. जब इस तरह के कामों पर चार सीनियर जजों ने ऐतराज जताया तो उनकी अनदेखी की गई. इसलिए इन चार सीनियर जजों को यह कदम उठाना पड़ा जिससे की पूरा देश जागे.’

प्रशांत भूषण ने कहा. ‘सीजेआई को इस्तीफा देना चाहिए. क्योंकि ऐसी स्थिति कोई भी सेल्फ रिस्पेक्टिंग जज इस्तीफा दे देगा. अगर नहीं देंगे तो यह आगे बढ़ेगा.’

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