रविवार को 70 के करीब पूर्व नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखकर अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने और इन मामलों में निराशाजनक कानूनी कार्रवाई पर चिंता जाहिर की है.

विभिन्न सेवाओं से जुड़े पूर्व 67 सिविल सेक्टर के अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षर किए गए इस पत्र में पिछले वर्ष से पांच हेट क्राइम की घटनाओं का हवाला दिया गया. जिनमे राजस्थान में पहलू खान का मामला भी शामिल है. पत्र में पीएम नरेंद्र मोदी से “स्पष्ट प्रतिक्रिया” और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है.

पत्र में हस्ताक्षरकर्ताओं में पूर्व स्वास्थ्य सचिव केशव देसीराजू और के सुजाता राव, सूचना और प्रसारण के पूर्व सचिव भास्कर घोष, पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्ला, सेवानिवृत्त आईटी सचिव ब्रिजेश कुमार, सेवानिवृत्त नौकरशाह और कार्यकर्ता हर्ष मंडेर और अरुणा रॉय शामिल हैं.

पत्र में मुस्लिमों द्वारा की जाने वाली रोजमर्रा की परेशानियों का भी जिक्र किया गया. पत्र में बताया गया कि मुस्लिमों को संगठित रूप से विरोध का सामना करना पड़ रहा है. उन्हें संपति खरीदने और बेचने से रोका जा रहा है. उन्हें किराए के मकान नहीं दिए जा रहे है.

नौकरशाहों ने कहा, “मुसलमानों को रोजाना ऐसे कई अन्य कारणों का सामना करना पड़ता है जो कि कई अन्य तरीके से सामने आते हैं. ये उस धार्मिक समुदाय में असंतोष का माहौल पैदा कर रहे है जो पहले ही जहरीला हो चूका है.

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