नई दिल्ली | देश के सभी प्राइमरी स्कूलों में बच्चो को दोपहर का खाना दिया जाता है. अभी तक यह सुविधा केवल सरकारी स्कूलों में दी जाती थी लेकिन अब केंद्र सरकार ने इसका दायरा बढाने का फैसला किया है. देश के मदरसों में पढने वाले बच्चो को ध्यान में रखते हुए , मोदी सरकार ने मदरसों में भी मिड डे मिल योजना शुरू करने का फैसला किया है.

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी ने माइनॉरिटी कमीशन की सालाना कांफ्रेंस के बाद पत्रकारों से बात करते हुए इस बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा की ये सोचना गलत है की मदरसे भारत का हिस्सा नही है. काफी मदरसों में बहुत अच्छा काम किया जा रहा है. इसलिए हमने फैसला किया है की जिन मदरसों में साइंस और मैथ की पढ़ाई कराई जा रही है उनमे मिड डे मिल भोजन बच्चो को दिया जाएगा.

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मुख़्तार अब्बास ने बताया की यह फैसला मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन (MEAF) की जनरल बॉडी मीटिंग में लिया गया. इसके अलावा हमने इन मदरसों को ग्रांट देने का फैसला भी किया है. नकवी ने यह भी बताया की हमने यह फैसला एक हफ्ते पहले ले लिया था. मोदी सरकार की उपलब्धिया गिनाते हुए नकवी ने कहा की हमारी सरकार अल्पसंख्यको को देश के विकास में हिस्सेदार बनाना चाहती है और इसके लिए देश में माहौल बन रहा है.

नकवी ने आगे कहा की मोदी राज में अल्पसंख्यको के लोकतान्त्रिक अधिकार सुरक्षित है और कोई भी उन्हें कमजोर नही कर सकता. हम ईमानदारी से अल्पसंख्यको की भलाई के लिए काम कर रहे है. हमारी सरकार बनने के बाद देश में सांप्रदायिक घटनाओं में भी कमी आई है. मालूम हो की मोदी सरकार ने यह घोषणा उस समय की है जब देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले है. इस फैसले से अल्पसंख्यको कितने बीजेपी की तरफ झुकेंगे यह तो आने वाला समय ही बतायेगा.

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