नई दिल्ली | पूरी दुनिया में आज अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है. राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी ने सभी देशवासियों को महिला दिवस की शुभकामनाये दी है. इसके अलावा गूगल ने अपने डूडल को महिला दिवस को समर्पित किया है. लेकिन महिला दिवस के मौके पर केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी अपने एक बयान की वजह से सोशल मीडिया के निशाने पर आ गयी है.

मंगलवार को मेनका गाँधी ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान हॉस्टल में रहने वाली लडकियों के लिए लक्ष्मण रेखा खिंची जाने की बात कही थी. उन्होंने कहा था की सभी अभिभावक् जो अपने बेटा या बेटी को पढने के लिए कॉलेज भेजते है उनके लिए उनकी सुरक्षा काफी चिंता का विषय होती है. इसलिए मैं उम्मीद करती हूँ की कॉलेज में उसकी पूरी सुरक्षा की जाएगी. इस दौरान कॉलेज के कुछ नियम उनके खिलाफ भी होते है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

मेनका ने हॉस्टल में रहने वाली लडकियों के लिए कहा की जब आप 16-17 साल की उम्र में होते है तो हारमोंस काफी सक्रिय रहते है और ये अपना असर भी दिखाते है. इन्ही हारमोंस के विस्फोट की वजह से होने वाली गलतियों से बचने के लिए कुछ लक्ष्मण रेखा खींचनी जरुरी है. इस दौरान मेनका ने हॉस्टल में लगाई जाने वाली पाबंदियो का समर्थन किया.

मेनका का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. ट्वीटर से लेकर फेसबुक तक मेनका गाँधी की खिंचाई की जाने लगी. एक यूजर लिखती है की मेनका हारमोंस गलतियों की वजह से हॉस्टल में लगने वाली पाबंदियो का समर्थन कर रही है. तो फिर उनका तो यह भी मानना हो सकता है की सारे रेप भी महिलाए ही कराती है. शोभा डे लिखती है की शायद मेनका गाँधी खुद हारमोंस विस्फोट के अनुभव से गुजर रही है. क्या उन्होंने वाकई ऐसा कहा है? महिलाओं के लिए कर्फ्यू? हैप्पी अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस..

Loading...