पणजी | उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एंटी रोमियो स्क्वाड की पुरे देश में चर्चा हो रही है. कुछ लोग इसको बेहतर कदम मान रहे है तो कुछ इसके विरोध में भी खड़े हो गए है. सरकार का कहना है की लडकियों के साथ होने वाली छेड़खानी को रोकने के लिए इस स्क्वाड का गठन किया गया है. लेकिन यह स्क्वाड उन जोड़ो को भी परेशान कर रहा है जो अपनी मर्जी से साथ चल रहे है या किसी पार्क में बैठे हुए है.

अब लडकियों के साथ होने वाली छेड़खानी के लिए केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गाँधी ने एक अलग ही थ्योरी पेश की है. उनका मानना है की इसके लिए बॉलीवुड और क्षेत्रीय फिल्मे ज्यादा जिम्मेदार है. गोवा में हो रहे गोवा फेस्ट 2017 में बोलते हुए मेनका गाँधी ने कहा की आप कोई भी रोमांटिक या क्षेत्रीय फिल्म उठाकर देख लीजिये , फिल्मो की शुरुआत हमेशा लड़की को घूरने और उसका पीछा करने से शुरू होती है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

मेनका गाँधी ने आगे कहा की फिल्मो में दिखाया जाता है की एक व्यक्ति और उसके दोस्त महिला को घेर लेते हैं और आगे-पीछे चलते हैं, उसको नीचा दिखाते हैं, उसे अनुचित तरीके से छूते हैं और फिर बाद में वह महिला उसके प्यार में पड़ जाती है. हमारी फिल्मे ही युवाओं को सिखाती है की छेड़खानी ही प्यार का इजहार करने का पहला तरीका है. इसलिए समाज में छेड़खानी की घटनाए बढती है.

मेनका गाँधी ने फिल्म और ऐडवर्टाइज़मेंट समुदाय से आग्रह किया की वो महिलाओ की अच्छी तस्वीर पेश करे. कहा जाता है की फिल्मे समाज का आइना होती है और पिछले 50 सालो से फिल्मो का काम सन्देश देना का ही रहा है. लेकिन अगर इस तरह का सन्देश फिल्मे देंगी तो यह समाज और देश की आधी आबादी के लिए सही नही होगा. इस दौरान मेनका ने ‘बेटी पढाओ बेटी बचाओ’ अभियान की बात करते हुए कहा की पीएम मोदी जी का यह अभियान जम्मू कश्मीर और बिहार को छोड़कर सभी जगह सफल रहा है.

Loading...