कांग्रेस की अगुवाई में देश के 13 विपक्षी दल के नेताओं ने बुधवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर देश के हालात पर चिंता जताई. विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से ईवीएम, अलवर घटना और प्रमुख विधेयकों को पास कराने के तरीकों जैसे कई मुद्दों को लेकर शिकायत की.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में पहुंचे नेताओं ने कहा कि राजस्थान के अलवर और उत्तर प्रदेश की दादरी जैसी घटनाओं के कारण देश में हिंसा और असुरक्षा का माहौल हैं. मुलाक़ात के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि देश में चारों तरफ आतंक और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है.

उन्होंने कहा, लोकतंत्र में कानून का राज होना चाहिए लेकिन देश में चारों ओर उपद्रवी तत्व हिंसा में लिप्त हैं और गवाहों को डराया धमकाया जा रहा है.अलवर ,दादरी, जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर तथा कई अन्य स्थानों पर हिंसा की घटनाएं इसकी गवाह हैं.

आजाद ने कहा कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में कथित गड़बड़ी खासकर हाल में सम्पन्न चुनावों में इस तरह की रिपोर्ट ङ्क्षचता का विषय उन्होंने बताया कि विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के समक्ष राज्यपाल के पद के दुरूपयोग का भी मामला उठाया। इस संवैधानिक पद का दुरूपयोग करके अनैतिक तरीके से नकली बहुमत बनाया जा रहा है और गैर भाजपा शासित राज्यों को अस्थिर किया जा रहा है. गोवा और मणिपुर में हाल ही में इसका उदाहरण देखने को मिला है.

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