Wednesday, December 1, 2021

मिलिए जमील फातिमा ज़ेबा से, जिन्होंने हासिल की UPSC में 62वीं रैंक

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हैदराबाद की जमील फातिमा ज़ेबा ने यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में 62 वां स्थान हासिल कर मिल्लत के सामने एक बड़ी मिसाल पेश की है. अपनी कामयाबी के लिए उन्होंने राचाकोंडा पुलिस आयुक्त महेश मुरलीधर भागवत का धन्यवाद किया.

दरअसल, ज़ेबा को UPSC की तैयारी के दौरान पुलिस आयुक्त महेश मुरलीधर का बड़ा मार्गदर्शन मिला. सेंट फ्रांसिस कॉलेज से एमबीए पास करने वाली जेबा ने समाजशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में लेकर अपनी तैयारी की थी.

उन्होंने कहा कि भागवत ने उन्हें साक्षात्कार सत्र का सामना करने के लिए निर्देशित किया था. उनके व्हाट्सएप संदेशो ने बहुत मदद की. उन्होंने यह भी कहा कि साक्षात्कार में यूपी की राजनीति, इज़राइल-फिलिस्तीन, तेलंगाना का गठन और फ़िल्मी सितारों की भागीदारी सम्बन्धी प्रश्न पूछे गए थे.

जेबा एसवी विश्वविद्यालय, तिरुपति के उर्दू विभाग के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर सुलेमान अतहर जावेद की पोती हैं. उनके पिता हबीबुल्लाह खान भूगर्भ विज्ञानी हैं जो एनएमडीसी मसाब टैंक, हैदराबाद में काम कर रहे हैं.

बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा की अंतिम सूची में कुल 909 सफल उम्मीदवारों में 41 मुसलमानो को कामयाबी मिली है. जिनमे साद मिया खान ने 25वी रेंक हासिल की है.

यद्यपि मुसलमानों की कुल आबादी का 13.4% हिस्सा है, लेकिन शिक्षा की कमी और संसाधनों की अनुपलब्धता के कारण अक्सर शीर्ष सरकारी सेवाओं में उनका प्रतिनिधित्व हमेशा ही कम रहता है. सिविल सेवाओं में लगभग 2% ही उनकी भागीदारी है.

शीर्ष 100 में शामिल 6 मुस्लिम में साद मिया खान (रैंक 25), समीरा एस (रैंक 28), फजलुल हसीब (रैंक 36), जमील फातिमा ज़ेबा (रैंक 62), हसीन जहीर रिज़वी (रैंक 87) और अजहर सिया ( रैंक 97) हैं.

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