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उत्तर प्रदेश के मेरठ में हाल ही में अपने मुस्लिम सहपाठी के साथ होने पर वीएचपी कार्यकर्ताओं और यूपी पुलिस की गुंडागर्दी का शिकार हुई मेडिकल छात्रा की माँ ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उन्हें लड़की के मुस्लिम दोस्त पर फर्जी केस दर्ज कराने का दबाव बनाया था। इतना ही नहीं पीड़िता मां ने ये भी कहा कि हम सब चाहते हैं कि उनकी बेटी को और बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।

पीड़ित परिवार ने द क्विंट से बातचीत में पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मां ने बताया कि दोनों बच्चे पढ़ रहे थे। उनके साथ एक और लड़की थी, जो बाद में बाजार चली गई। उन्होंने कहा कि पुलिस लड़के और लड़की को अलग-अलग वैन में ले गई। मां ने आरोप लगाया कि लड़की और लड़के को पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों द्वारा परेशान किया गया। मां के मुताबिक, वीएचपी सदस्यों ने भी उनकी बेटी को शर्मिंदा करने की कोशिश की। छात्रा के माता-पिता ने कहा कि पुलिसकर्मी चाहते थे कि वह लड़के के खिलाफ शिकायत दर्ज कराए।

मां ने बताया कि जब हमने पुलिस से कहा कि हमारी बेटी को जाने दें तो उन्होंने कहा, ”नहीं। पहले लड़के के खिलाफ एक रिपोर्ट दर्ज कराएं।” जब हमने उन्हें बताया कि हम ऐसा नहीं करना चाहते हैं, तो उन्होंने कहा, ”नहीं। लड़का मुसलमान है। आपको उसकी रिपोर्ट करनी होगी।” लेकिन लड़की के माता-पिता ने इंकार कर दिया। माता-पिता ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि लड़का मुस्लिम है या हिंदू, वह एक छात्र है। जब उसने कुछ भी गलत नहीं किया, तो हमें उसके खिलाफ कोई रिपोर्ट क्यों दर्ज करनी चाहिए?”

वहीं दूसरी और पीड़ित युवक ने बताया कि छात्रा किताब लेने उसके घर आई थी। जैसी ही वो घर से निकल रही थी, तभी 15-16 लोग उसके घर में घुस आए और नाम पूछने लगे। इसके बाद लव जिहाद का आरोप लगाकर उन्होंने पीटना शुरू कर दिया। मारपीट करने वालों में से एक ने उसे गोली मारने तक की धमकी दी है।

छात्र ने बताया कि मारपीट के दौरान उसकी आंख और नाक से खून बह रहा था, लेकिन इसके बावजूद भी वे रुके नहीं। वे लगातार प्राइवेट पार्ट में मारते रहे, आंख से लगातार खून बह रहा था, सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी, लगा कि शायद मैं नहीं बच पाउंगा।

युवक ने कहा कि ‘वे लड़की को अलग ले गए, मुझे बहुत पीटते रहे। उन्होंने मेरे प्राइवेट पार्ट्स पर भी बहुत पीटा। पुलिस के कुछ लोग आ गए। वे भी मुझे पिटते हुए देखते रहे। पुलिस वाले भी मुझे गाली दे रहे थे। वे लोग मुझे मुल्ला बोल रहे थे, सुअर बोल रहे थे। फिर थाने की पुलिस आई तो बचाकर ले गई।’

पीड़ित युवक ने कहा कि ‘मुझे बहुत डर लग रहा है। मुझे जान से मारने की धमकी मिल रही है। मेरे तीन साल पूरे हो गए हैं और डिग्री का एक साल बचा है। मैं कॉलेज नहीं जा रहा डर से। मेरा करियर खत्म हो जाएगा। मेरी क्लास में 43 लड़कियां और सात लड़के हैं, तो लड़कियों से दोस्ती होगी ही। मैं योगी जी से यही कहूंगा कि सारे धर्मों के कॉलेज अलग-अलग कर दो। मेरी लड़की से उस दिन से कोई बात नहीं हुई है।’

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