Saturday, October 23, 2021

 

 

 

विशेष विमान से अयोध्या पहुंचे मध्यस्थ, अवध यूनिवर्सिटी में बनाया गया सचिवालय

- Advertisement -
- Advertisement -

बाबरी मस्जिद-राम जन्म भूमि विवाद के समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट की और से मध्यस्थता के लिए गठित की गई तीन सदस्यीय टीम मंगलवार को विशेष विमान से अयोध्या पहुंच चुकी है। मध्यस्थों के दल की सहूलियत के लिए राज्य शासन के आदेश पर जिला प्रशासन ने अयोध्या स्थित अवध यूनिवर्सिटी परिसर में मिनी सेक्रेटेरियेट भी तैयार कर दिया है।

मध्यस्थता करना वाला पैनल तीन दिनों तक बातचीत के आधार पर आगे का कार्यक्रम तय करेगा। इस दौरान सभी पक्षों से बातचीत की जाएगी। जिला प्रशासन की तरफ से मध्यस्थों के कार्यक्रम या उनके आने-जाने के समय को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

तीन सदस्यीय टीम में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एफएमआई कलिफुला, वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पांचू और आध्यामिक गुरु श्री श्री रविशंकर शामिल हैं। मिनी सचिवालय में हिंदी और एक इंग्लिश टाइपिस्ट को इस पैनल के साथ काम करने के लिए नियुक्त किया गया।

इस बीच, यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट गेस्ट हाउस के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यहां यूनिवर्सिटी स्टाफ और मीडियाकर्मियों को जाने की अनुमति नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता कमेटी को आठ सप्ताह का समय दिया है। वहीं, मामले की जानकारी समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट को दी जाएगी।

i

जस्टिस खलीफुल्ला : मूल रूप से तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में कराईकुडी के रहने वाले हैं। उनका जन्म 23 जुलाई 1951 को हुआ था। 1975 में उन्होंने वकालत शुरू की थी। वे मद्रास हाईकोर्ट में न्यायाधीश और इसके बाद जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश रहे। उन्हें 2000 में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के तौर नियुक्त किया गया। 2011 में उन्हें कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बनाया गया।

श्रीराम पंचू : वरिष्ठ वकील श्रीराम पंचू मध्यस्थता से केस सुलझाने में माहिर माने जाते हैं। कोर्ट से बाहर केस सुलझाने के लिए उन्होंने ‘द मीडिएशन चैंबर’ नाम की संस्था भी बनाई है। वे एसोसिएशन ऑफ इंडियन मीडिएटर्स के अध्यक्ष हैं। वे बोर्ड ऑफ इंटरनेशनल मीडिएशन इंस्टीट्यूट के बोर्ड में भी शामिल रहे हैं। असम और नागालैंड के बीच 500 किलोमीटर भूभाग का मामला सुलझाने के लिए उन्हें मध्यस्थ नियुक्त किया गया था।

श्रीश्री रविशंकर : आध्यात्मिक गुरु हैं। वे अयोध्या मामले में मध्यस्थता की निजी तौर पर कोशिश करते रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने पक्षकारों से मुलाकात की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस मसले को सुलझाने का एक फॉर्मूला भी पेश किया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles