नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के मामले में एक व्यक्ति को दोषी करार देते हुए दिल्ली की एक अदालत ने मीडिया और इंटरनेट को लेकर कड़ी टिप्पणी की है.

अदालत ने आरोपी को दोषी मानने के साथ मीडिया और इंटरनेट को भी दोषी माना. इस मामले में दोषी युवक को अदलात ने 10 साल की सजा सुनाई. साथ ही 30,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया. जिसमे से जिसमें से 20,000 रुपये पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सीमा मैनी ने 26 वर्षीय नीरज को दोषी करार देते हुए कहा कि मीडिया, टेलीफोन, इंटरनेट आदि के प्रसार से आज के समय में यह अवधारणा सभी में रच बस गई है कि एक लड़का और लड़की के बीच प्यार का चरम सेक्स ही है.

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न्यायाधीश ने कहा, ‘‘लड़के-लड़कियां अक्सर कानून के तहत निर्धारित वैध उम्र से पहले ही यौन संबंध बना रहे हैं, वे एक-दूसरे से शादी का वादा करते हैं जबकि दोनों के बीच शादी की संभावना तक नहीं होती.’’

अदालत ने दोषी की उसके और लड़की के बीच शारीरिक संबंध आपसी रजामंदी से बनने की दलील को खारिज करते हुए कहा, ‘‘आरोपी को दुनियादारी की समझ थी, उसकी उम्र 26 साल है, उसकी शादी हो चुकी है और एक बेटी भी है, तब भी वह उस लड़की को लुभा रहा था जो उससे 10 साल से भी ज्यादा छोटी है.’’

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