नई दिल्ली | उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के भाई आनंद कुमार की मुश्किलें बढती दिख रही है. आयकर विभाग की जांच में पाया गया की आनंद कुमार की कंपनियों ने सात साल के दौरान करीब 18 हजार प्रतिशत का मुनाफा दर्ज किया . यह आंकड़े आयकर विभाग के लिए काफी चौकाने वाले है. इसके अलावा आयकर विभाग को कुछ ऐसी कंपनियों की भी जानकारी मिली है जिनका अस्तित्व केवल कागजो में है.

टाइम्स नाउ में छपी खबर के मुताबिक आनंद कुमार के खिलाफ चल रही आयकर विभाग की जांच के कागजातो से साफ जाहिर होता है की उनकी कंपनियों ने 2007 से 2014 के बीच के सात सालो में अप्रत्याशित मुनाफा कमाया है. रिपोर्ट के अनुसार 2007 में आनंद कुमार की कंपनियों की वर्थ साढ़े सात करोड़ रूपए जो सात सालो में बढ़कर 1316 करोड़ हो गयी.

इन सात सालो में पांच साल मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रही. रिपोर्ट में कहा गया की आनंद कुमार 12 कंपनियों का मालिक है. उनके पास कुल संपत्ति का करीब साढ़े चार सौ करोड़ रूपए कैश और बाकी अचल संपत्ति के रूप में है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया की 12 कंपनियों में से कुछ कंपनी केवल कागजो पर बनायी गयी है.

आयकर विभाग सभी फर्जी कंपनियों , करोडो रूपए का लोन लेने और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश किये गए करोडो रूपए की जांच कर रहा है. रिपोर्ट में एक कंपनी दिया का भी उल्लेख किया गया है जिसने सात सालो के दौरान करीब 45 हजार प्रतिशत मुनाफा कमाया है. आयकर विभाग ने इसे 2017 का सबसे बड़ा स्कैम घोषित किया है.

मालूम हो की मायावती के भाई आनंद कुमार ज्यादा लाइम लाइट में रहना पसंद नही करते. उनको शायद ही कभी मायावती के साथ देखा गया हो. वो अपने बिज़नस में लगे रहते है. आनंद कुमार आयकर विभाग की राडार पर तब आये जब नोट बंदी के बाद दिल्ली के एक बैंक में उन्होंने करीब डेढ़ करोड़ रूपए अपनी कम्पनी के खातो में और 104 करोड रूपए बसपा के खातो में डलवाए.


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