nadvi123

बाबरी मस्जिद के मालिकाना हक़ को लेकर देश की सर्व्वोच अदालत में 14 मार्च से अहम सुनवाई शुरू होनी है. बावजूद इसके मौलाना सलमान नदवी मस्जिद की जमीन को राम मंदिर निर्माण को देने की वकालत में जुटे है. जिसके चलते उन्हें ऑल इंडियाल मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने बाहर का रास्ता भी दिखा दिया है.

मौलाना सलमान नदवी का ये बयान ऐसे स्थिति में आया है जब पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) पहले ही स्पष्ट कर चूका है कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा. बोर्ड को वह मान्य होगा. अब समझौते की कोई गुंजाइश नहीं. फिर भी मौलाना सलमान नदवी अपनी जिद पर अड़े है.

रिपब्लिक टीवी पर की गई डिबेट में मौलाना सलमान नदवी ने मुस्लिमों को 1992 के हालातों से डराते हुए कहा कि ”हमारी शरीयत में इस बात की गुंजाइश हैं कि मस्जिद जहां थी, उसको हटाकर के और कहीं भी बनाया जा सकता है. अगर जहां मस्जिद थी, वहां वो ढहा दी गई और मस्जिद की वजह से झगड़े हैं, और खून बह सकता है और बहा 1992 में तो इसलिए ऐसी शक्ल में शरीयत का ये हुक्म आसानी वाला है, सहूलियत वाला है, इससे एतमाद पैदा होता है. उस हुक्म को इख्तियार करके मस्जिद की जगह तब्दील कर देना चाहिए.” उन्होंने आगे कहा, ”आगे किसी मस्जिद के साथ या दरगाह, मदरसे के साथ कोई छेड़छाड़ न हो, इसकी जमानत लेनी है. इसका मुआवजा करना है. सुप्रीम कोर्ट में भी इसको रजिस्टर्ड करना है.”

जिसके जवाब में मुस्लिम पॉलिटिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमपीसीआई) के नेता तस्लीम रहमानी सबसे पहले मौलाना नदवी के मस्जिद ‘ढहाए’ वाले शब्द पर एतराज जताया. रहमानी ने कहा, ”1992 से लेकर आज तक बाबरी मस्जिद ढहाए जाने से नहीं, जो लफ्ज मौलाना इस्तेमाल कर रहे हैं, मस्जिद को ढहाना, मैं कहता हूं मस्जिद को शहीद करना, ये फर्क है, मौलाना के और मेरी बात में, वो मस्जिद को ढहाने का लफ्ज इस्तेमाल कर सकते हैं, मैं मस्जिद की शहादत का लफ्ज इस्तेमाल करूंगा, और 1992 से आज तक मैंने हर पब्लिक मीटिंग में कहा है कि हिंदुस्तानी मुसलमानों के दिल पर लगा हुआ एक ऐसा जख्म है, एक ऐसा जख्म है कि अगर ये जख्म हमारे अंदर से भर भी गया, हम इसको खुरच के जख्म को जिंदा कर देंगे.”

हालांकि इस दौरान टीवी एंकर मौलाना सलमान नदवी के सपोर्ट में नजर आई. साथ ही उनसे कहने लगीं कि आप डर की राजनीति खेलते हैं और अब आप टीवी पर अल्टीमेटम दे रहे हैं पूरे देश को.

कोहराम न्यूज़ को सुचारू रूप से चलाने के लिए मदद की ज़रूरत है, डोनेशन देकर मदद करें








Loading...

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें