कोलकाता | म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमो के नरसंहार के बीच भारत में भी यह राजनीतिक मुद्दा बन चूका है. अपनी जान बचाने के लिए काफी रोहिंग्या मुस्लिम म्यांमार से पलायन कर चुके है. इसलिए इनमे से कुछ शर्णार्थियो ने बांग्लादेश तो कुछ ने भारत में शरण ली है. लेकिन अब मोदी सरकार इन शर्णार्थियो को वापिस म्यांमार भेजना चाहती है. मोदी सरकार का कहना है की रोहिंग्या देश की सुरक्षा के लिए खतरा है इसलिए इनको भारत में नही रखा जा सकता.

मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में भी यही हलफनामा दिया है. ज्यादातर रोहिंग्या मुस्लिमो ने बंगाल में शरण ली हुई है. इसलिए बंगाल में मोदी सरकार के फैसले का काफी विरोध हो रहा है. पिछले हफ्ते इसी मुद्दे को लेकर कुछ मुस्लिम संगठनो ने कोलकाता में विरोध प्रदर्शन किया था. इस दौरान उन्होंने करीब 5 किलोमीटर लम्बा मार्च भी किया. इन संगठनो की मांग थी की रोहिंग्या मुस्लिम शर्णार्थियो को वापिस न भेजा जाए.

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अब इसी प्रदर्शन की एक विडियो सामने आये है जिसमे स्लिम समुदाय के शिया मौलाना शब्बीर अली अजाद वारसी बेहद ही विवादित बयान देते दिख रहे है. वारसी लोगो को संबोधित करते हुए कहा की रोहिंग्या मुस्लिम भी हमारे भाई है. दिल्ली में बैठी सरकार यह सोचने की भूल न करे की रोहिंग्या मुसलमान , भारतीय मुसलमानों से अलग है. जो खून उनका है, वही हमारा भी है. जो खुदा उनका वही हमारा भी खुदा है.

वारसी ने आगे कहा की जो रसूल उनका है , वही हमारा है. दुनिया में मुसलमान कही भी वो हमारा भाई है. अगर मुस्लिम अल्पसंख्यक है तो इसका मतलब यह नही की वो कमजोर है. तुम अभी मुसलमानों का इतिहास नही जानते हो. हम लोग शिया मुस्लिम है, हम 72 भी लाखो को मार सकते है. बंगाल से रोहिंग्या को निकालने की कोशिस मत करो. ये बंगाल है, असम, गुजरात, मुजफ्फरनगर नही जो रोहिंग्या मुस्लिमो को भगा दोगे. यहां मीडिया मौजूद है और आज में चुनौती देता हूं कि किसी की मां ने वो औलाद नहीं जनी जो मुसलमानों को बंगाल से निकालकर दिखा दे.

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