निजामुद्दीन मरकज के मुखिया मौलाना साद की बेटी का निकाह होना था। लेकिन बीते दिनों सामने आई परिस्थितियों के चलते निकाल टाल दिया गया।

मौलाना साद की बेटी का निकाह पांच अप्रैल को दिल्ली में ही प्रस्तावित था। इसमें सहारनपुर के भी कुछ लोगों को शामिल होना था। यूपी के शामली के कांघला के रहने वाले मौलाना के दो बेटे और एक बेटी हैं।  मौलाना को आखिरी बार मरकज में 28-29 मार्च की रात को देखा गया था।

दो दिन पहले मौलान साद को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने नोटिस भेज कर कई सवाल पूछे थे। अपने वकील के माध्यम से भिजवाए जवाब में मौलाना साद ने कहा कि मैं अभी सेल्फ क्वारंटाइन में हूं। आइसोलेशन से निकलने के बाद सारे सवालों के जवाब दूंगा। जमात के प्रबंधन से जुड़े अन्य लोगों के भी क्वारंटाइन में होने की जानकारी दी है। उन्होंने अपने बेटे और जमात कमेटी मेंबर मो. यूसुफ साद के जरिये स्वीकार किया कि अपराध शाखा ने उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है।

मौलाना यूसुफ के मुताबिक, “मीडिया में जमात मुख्यालय को लेकर जो भी खबरें 31 मार्च 2020 से आ रही हैं, वे सब महज बदनाम किए जाने की साजिश है। तबलीगी जमात किसी भी राजनीतिक संगठन का भी हिस्सा नहीं है। जहां तक बात मौलाना साद के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किए जाने की है, तो नई दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मौलाना मोहम्मद साद के खिलाफ केस दर्ज किया है।”

मौलाना साद की तरफ से मो. यूसुफ साद द्वारा लिखित में दिए गए और आईएएनएस के पास मौजूद बयान के मुताबिक, “जहां तक तबलीगी जमात मुख्यालय में पहुंचे मेहमानों में से कुछ के कोरोना संक्रमित मिलने की बात है, तो यह एक इत्तिफाक है। जैसे ही हमें कोरोना के बारे में बताया गया, हमने सभी मेहमानों के प्रवेश पर जमात मुख्यालय में पाबंदी लगा दी थी। हर मेहमान का हमारे पास रिकार्ड है। जमात मुख्यालय ने अपनी ओर से सभी मेहमानों को तुरंत उनके घर पहुंचाने के हर संभव उपाय किए थे।”

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