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ट्रिपल तलाक पर मोदी सरकार के बिल मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक (ट्रिपल तलाक) को लोकसभा में पारित किये जाने के दौरान किशनगंज से कांग्रेस के सांसद मौलाना मोहम्मद असरारूल हक कासमी ने चुप्पी साधे रखी.

चुप्पी पर उठे सवालों के बीच अब मौलाना कासमी ने अपनी सफाई में कहा कि पार्टी ने संसद में उनके आग्रह के बावजूद उनको बोलने की अनुमति नहीं दी. साथ ही उन्होंने दावा किया कि वह इस विधेयक के खिलाफ वोट देना चाहते थे. लेकिन ट्रफिक जाम होने की वजह से नहीं पहुँच पाए.

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सांसद मौलाना कासमी ने ने कहा कि यह विधेयक संविधान, शरीयत और महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है. ध्यान रहे कांग्रेस ने विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद न केवल इस बिल का विरोध किया है बल्कि इस बिल को और सख्त बनाने की मांग की है.

मौलाना कासमी की चुप्पी पर आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी सवाल उठाये है. उन्होंने तंज कसा कसते हुए कहा, हो सकता है हजरत मौलाना को नहीं पता था कि यह बहस 3 घंटे तक चली.

इसके अलावा बिहार के AIMIM प्रमुख अख्तरुल इमान ने कहा कि उनका यह उनका कदम मिल्लत को परेशान कर रहा है. उन्होंने मौलाना के इस कृत्य को अक्षम्य राजनीतिक अपराध करार दिया.

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