आज बरेली में जनशीन मुफ़्ती ए आजम ए हिन्द हज़रत मौलाना अख्तर रज़ा खां उर्फ अजहरी मियां को सुपुर्दे ख़ाक किया गया। उनकी नमाज ए जनाजा में लगभग 10 लाख लोगों ने शिरकत की। देश ही नहीं बल्कि दुनिया के 127 मुल्कों के मुरीदों ने उनके जनाजे में शिरकत की।

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अजहरी मियां की नमाज ए जनाजा इस्लामिया कॉलेज मैदान में अदा की गई। बता दें कि अज़हरी मियां का शुक्रवार की शाम करीब 6 बजे इंतकाल हो गया। वे देश के सुन्नी बरेलवी मुलसमानों के सबसे बड़े मज़हबी रहनुमाओं में से एक रहे है।ताजुशरिया के इंतकाल की खबर से आलम ए इस्लाम में शोक की लहर है। तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगान ने कहा कि ताजुशरिया का यूं चले जाना गहरा सबके लिए गहरा सदमा है।बता दें कि ताजुशरिया मुफ़्ती अख्तर रज़ा खान क़ादरी अज़हरी काफी समय से बीमार चल रहे थे। बेटे मौलाना असजद रज़ा खान व उनके दामाद सलमान हसन खान द्वारा उनकी देखभाल की जा रही थी कुछ दिन पहले ही उन्हें हॉस्पिटल में भी भर्ती कराया गया था, लेकिन बीमारी के चलते वह चल फिर भी नहीं पा रहे थे।

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उनके निधन पर देश की कई हस्तियों ने दुख प्रकट किया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शोक संदेश में कहा कि उनके निधन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक और सामाजिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। साथ ही अमन–चैन के पैरोकार के रूप में एक बड़ी शख्सियत को खो दिया है। वे अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए सतत प्रयत्नशील रहे।

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नीतीश ने कहा कि अजहरी मियां को खान–ए–काबा के गुसुल के अवसर पर भारत से मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया जाना और जाम–ए–अजहर मिस्र का उन्हें फख्र–ए–अजहर का अवार्ड मिलना हमारे देश के लिए गर्व का विषय था।मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि उन्हें जन्नत में अहम मकाम अता करें और उनके अनुयायियों एवं परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की ताकत दें।