फर्जी एनकाउंटर में राजा मान सिंह भरतपुर के राजा को मिला न्याय, CM के हेलीकॉप्‍टर को मारी थी टक्कर

मथुरा. राजस्थान (Rajasthan) के भरतपुर (Bharatpur) स्टेट के राजा मान सिंह (Maan Singh) की वर्ष 1985 में एक फर्जी एनकाउंटर  हत्या कर दी गई थी। मामले में मथुरा की अदालत ने 11 पुलिस कर्मियों को दोषी ठहराया है। मामले में सजा का ऐलान बुधवार को किया जाएगा।

कोर्ट ने आरोपियों को आईपीसी की धारा 302, 148, 149 के तहत दोषी पाया है। कोर्ट ने 18 में से 11 आरोपियों पर दोष सिद्ध पाया है। तीन आरोपियों को बरी कर दिया है। अन्य 3 आरोपियों की पूर्व में मौ’त हो चुकी है, वही एक आरोपी को अदालत पूर्व में बरी कर चुकी है। जिन 11 आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ है उनमें डीएसपी कान सिंह भाटी भी शामिल हैं।

80 के दशक में राजा मान सिंह का यह मामला सुर्खियों में रहा था। एनकाउंटर से ठीक एक दिन पहले उन्होंने राजस्‍थान के तत्‍कालीन हेलीकॉप्‍टर में अपनी जीप से जोरदार टक्‍कर मारी थी। वह डीग विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव मैदान में थे। इनके खिलाफ कांग्रेस ने ब्रजेंद्र सिंह को मैदान में उतारा था।

उस दिन राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर की डीग में चुनावी सभा होनी थी। सभा शुरू होती कि इससे पहले खबर आई कि कांग्रेसियों ने भरतपुर के झंडों को उखाड़ फेंका है। यह खबर मान सिंह तक पहुंची तो वे आग बबूला हो गए और अपनी जोगा जीप (जिसे शाही जीप भी कहते थे) निकाल ली और जहां शिवचरण माथुर की सभा होनी थी सीधे वहां पहुंच गए।

राजा मान सिंह सिक्योरिटी घेरा तोड़ते हुए सीधे हेलीपैड के पास पहुंचे और अपनी जीप हेलीकॉप्टर में ठोक दी। इसके बाद जीप से चुनावी मंच को भी ध्वस्त कर दिया। बाद में CM माथुर ने इसी टूटे मंच से चुनावी सभा को संबोधित किया। लेकिन उनका गुस्सा सातवें आसमान पर था।

इस घटना के बाद 21 फरवरी को आत्‍मसमर्पण करने अपने कुछ साथियों के साथ डींग थाने जा रहे थे इसी दौरान रास्‍ते में तत्‍कालीन डिप्‍टी एसपी और पुलिसकर्मियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की जिससे मौके पर ही मानसिंह की मौत हो गई थी। मान सिंह के दामाद विजय सिंह ने कान सिंह भाटी और एसएचओ वीरेंद्र सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया।

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