Sunday, October 17, 2021

 

 

 

US ने चीनपर बनाया दबाव – लोकसभा चुनाव से पहले मसूद अजहर को घोषित किया गया ग्लोबल आतंकी

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एक दशक के प्रयासों के बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया है।

पुलवामा आतंकी हमले के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने जो प्रस्ताव दिया था, उसमें पुलवामा आतंकी हमले का जिक्र था. इस पर चीन को पुलवामा से आपत्ति थी। भारत, चीन और पाकिस्तान के बीच कई दौर की वार्ता हुई। बाद में पुलवामा का संदर्भ हटाए जाने के बाद चीन ने अपना वीटो हटा लिया है। मसूद अजहर पर चीन चार बार वीटो लगा चुका है।

हालांकि चीन की कोशिश थी कि किसी तरह से 15 मई के बाद ही यह प्रक्रिया हो। इकनॉमिक टाइम्स को विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि फ्रांस, रूस और इंग्लैंड ने आपसी सहमति से चीन की डेडलाइन बढ़ाने पर सहमत हो गए थे। हालांकि, चीन की डेडलाइन बढ़ाने पर सहमति के बाद भी चीन ने जिस तिथि तक डेडलाइन को ले जाना चाह रहा था, उस पर सहमति नहीं बनी थी।

हालांकि, अमेरिका की तरफ से अप्रैल में ही इस डेडलाइन को तय कर चीन की तरफ से लिखित आश्वासन के लिए दबाव बनाया गया था। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि भारत ने अमेरिका को यह संकेत दे दिए थे कि चीन की तरफ से वीटो इस्तेमाल के स्थान पर भारत कुछ समझौतों के साथ ही सही, लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी करना चाहता है।

भारत चीन के फिर से वीटो प्रयोग करने के कारण अभी तक के सभी प्रयासों को खारिज करने के लिए तैयार नहीं था। इसके बाद अमेरिका ने अप्रैल के शुरुआती सप्ताह से आगे इंतजार नहीं करने की बात दोहराई। चीन ने संशोधित तिथि 6 मई की दी। हालांकि, अमेरिका ने इस पर सहमति नहीं जताई और आखिरकार 1 मई को मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया गया।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा कि यह एक कूटनीतिक और सभी को लेकर किया गया प्रयास था, जिसमें हम सफल हुए। हालांकि, अकबरूद्दीन ने यह बताने से फिलहाल इंकार कर दिया कि इस अहम कूटनीतिक जीत के पीछे की कहानी क्या है। उन्होंने कहा कि हम 2009 से ही प्रयास कर रहे थे। अब हमें सफलता मिल गई है।

इस बीच पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैसल ने कहा कि मौजूदा प्रस्ताव पर इसे पुलवामा से जोड़े जाने की कोशिशों को हटाने सहित सभी राजनीतिक ऐतराजों के बाद सहमति बनी। पाकिस्तान अजहर पर लगे प्रतिबंधों को फौरन लागू करेगा। उन्होंने इसे भारत की कूटनीतिक जीत मानने से इंकार कर दिया है।

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