नई दिल्ली | पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावो के नतीजे आने के बाद बीजेपी को छोड़कर सभी पार्टियों ने ईवीएम् में छेड़छाड़ का मामला उठाया. ज्यादातर दलों का कहना है की बीजेपी ने ईवीएम् में छेड़छाड़ कर चुनावो में जीत दर्ज की. हालाँकि चुनाव आयोग ने सभी दलों के आरोपों को सिरे से ख़ारिज कर दिया लेकिन पिछले कुछ दिनों में धौलपुर और भिंड से आई खबरों ने इस मुद्दे को और तूल दे दिया.

धौलपुर विधानसभा उपचुनावों के दौरान 18 ईवीएम् में गड़बड़ी मिली. मतदाताओ ने आरोप लगाया की किसी भी पार्टी को वोट करने पर VVPAT से कमल के फुल की पर्ची निकल रही थी. कुछ ऐसा ही मामला मध्यप्रदेश के भिंड में देखने को मिला. ऐसे मामले सामने आने के बाद अरविन्द केजरीवाल ने चुनाव आयोग को चुनौती देते हुए कहा की अगर हमें 72 घंटे के लिए ईवीएम् दे दी जाए तो हम साबित कर देंगे की इसमें छेड़छाड़ संभव है.

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केजरीवाल ने चुनाव आयोग से यह भी सवाल किया की आखिर गड़बड़ी वाली ईवीएम् आखिर वोट बीजेपी को ही क्यों जाती है, बाकी पार्टियों को क्यों नही? केजरीवाल और सभी दुसरे दलों की आशंकाओ के बीच बुधवार को चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से खबर आई की आयोग मई के पहले हफ्ते में ओपन चैलेंज आयोजित करने जा रहे है. इसमें सभी पार्टी के प्रतिनिधियों के अलावा इंजिनियर और एक्सपर्ट भी शामिल हो सकते है.

चुनाव आयोग के खुले चैलेंज पर दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने निशाना साधा है. सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा,’ ये खुला चैलेंज, खुले में आने की बजाय ‘लीक’ होकर मीडिया में क्यों आ रहा है? अभी तक चुनाव आयोग की और से न कोई चिट्ठी पत्री है न प्रेस रिलीज़.’ सिसोदिया ने आगे कहा की अभी तक केवल चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से मीडिया में खबर आ रही है लेकिन इसे सार्वजानिक तौर पर जाहिर नही किया गया. बुधवार को भी सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा था की सब कुछ हैक हो सकता है लेकिन ईवीएम् नही, इसे कुदरत का वरदान प्राप्त है.

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