मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने विधानसभा में ‘‘मणिपुर भीड़ हिंसा से संरक्षण विधेयक, 2018’’ सदन के पटल पर रखा। उनके पास गृह मंत्रालय का भी प्रभार है।

शुक्रवार को सदन ने इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इसमें कहा गया है कि पीड़ित की मौत पर हिंसा में शामिल लोगों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा सकेगी।

बता दें कि इससे पहले 17 जुलाई के अपने फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने मॉब लिंचिंग और गायों को लेकर हिंसा पर अपने निर्देश दिए थे। साथ ही कहा था कि ‘भीड़तंत्र की भयावह हरकतों’को कानून पर हावी नहीं होने दिया जा सकता।

न्यायालय ने सरकार से कहा था कि इस तरह की घटनाओं से सख्ती से निबटने के लिये वह नया कानून बनाने पर विचार करे।

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