Saturday, July 24, 2021

 

 

 

मुस्लिम बुजुर्ग की लिंचिंग के मामले में 7 गिरफ्तार, आरोपी चलाता है संघ की शाखा

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VARANASI: सोनभद्र पुलिस ने शनिवार को ओबरा पुलिस क्षेत्राधिकार के तहत 20 मार्च की रात परसोई गांव में 60 वर्षीय व्यक्ति मोहम्मद अनवर की हत्या के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

लिंचिंग मामले के मुख्य आरोपी रविंद्र खरवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने कहा कि एहतियात के तौर पर गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है। आरोपी संघ से जुड़ा हुआ है। क्षेत्र के निवासी वरिष्‍ठ पत्रकार आवेश तिवारी जो रायपुर पत्रिका में काम करते हैं, उन्‍होंने फोन पर बताया कि इस आदिवासी इलाके में कभी भी कोई सांप्रदायिक घटना नहीं हुई। आदिवासी और मुसलमान मिलजुल कर रहते थे। तिवारी ने बताया, ‘’पहली बार यहां संघ की शाखा लगनी शुरू हुई जिसका नतीजा एक बेगुनाह मुसलमान की हत्‍या के रूप में सामने आया है।‘’

बता दें कि ग्राम पारसोई में होलिका दहन की रात कोई बीस व्‍यक्तियों ने मिलकर मोहम्‍मद अनवर नाम के एक बुजुर्ग को लाठी डंडे से मारकर ज़ख्‍मी किया और फिर कुल्‍हाड़ी से काट डाला। अनवर एक दिन पहले ही अजमेर शरीफ़ से जि़यारत कर के लौटे थे और 20 मार्च की रात उन्‍हें मार दिया गया। एफआइआर में 20 आरोपियों के नाम दर्ज हैं जिनमें मुख्‍य आरोपी जनजातीय समुदाय से आने वाला एक स्‍कूली शिक्षक रवींद्र खरवार है जो वहां कुछ दिनों से संघ की शाखा चला रहा था।

मध्‍यप्रदेश की सीमा से लगे ओबरा थानांतर्गत पारसोई गांव में मुहर्रम चबूतरे को लेकर कुछ महीनों से एक विवाद को जन्‍म दिया जा रहा था जिसकी परिणति हत्‍या में हुई। परसोई गांव में अनवर अली के घर के पास इमाम चौक बना हुआ है जिसको लेकर आये दिन बीटीसी कॉलेज के लोगों से विवाद होता था। मृतक के लड़के मोहम्‍मद हस्‍नैन ने बताया कि पांच माह पहले भी इमाम चौक को लेकर विवाद हुआ था जिसकी सूचना पुलिस को दी गई थी जिस पर आश्वासन मिला था कि अब झगड़ा नही होगा लेकिन ‘’आज मेरे पिता जी को लोगो ने गमछे से बाध कर कुल्हाड़ी से काट कर हत्या कर दी।‘’

20 मार्च की आधी रात कुछ लोग इसी चबूतरे को तोड़ रहे थे जिसे घर से टहलने निकले अनवर ने देखा तो उन्हें रोकने का प्रयास किया। लोगो ने हमला कर दिया जिसमें उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों का कहना है कि गांव में ताजिया रखने का चबूतरा बना है जिसे इमाम चौक भी कहते हैं। पिछले 15-20 वर्षों से यहां ताजिया रखी जाती थी और हिन्दू मुस्लिम मिलकर ताजिया उठाते थे और लाठी भी भांजते थे। पिछले छह माह के दौरान जूनियर हाईस्कूल के सरकारी अध्यापक रविंद्र खरवार वहां संघ की शाखा लगाने लगे और चबूतरे पर कब्जा करने के चक्कर मे पड़ गए। इसको लेकर डेढ़ माह पहले विवाद हुआ था जिसमे एसडीएम और पुलिस पहुच कर समझौता कराया था।

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