Tuesday, August 3, 2021

 

 

 

असम के डिटेंशन सेंटर में अधेड़ की मौत, पीएम मोदी बोले थे – ‘देश में नहीं कोई डिटेंशन सेंटर’

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असम के गोलपारा में डिटेंशन सेंटर में लाए गए एक 50 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है। जो पीएम मोदी के बयान के उलट देश में डिटेंशन सेंटर होने का जीता-जागता सबूत है। बता दें कि तीन साल में अबतक कुल 29 लोगों की मौत हो चुकी है।

50 साल के नरेश कोच मार्च 2018 से यहां रह रहे थे। कोच गोलपाड़ा ज़िले के तिकाना पाड़ा के रहने वाले थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि कोच बीमार थे और उन्हें इलाज के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार की शाम उनकी मौत हो गई।

कोच की पत्नी जिमी ने आरोप लगाया कि डॉक्यूमेंट दिखाने के बावजूद उन्हें विदेशी मानकर डिटेंशन कैंप में रखा गया। उनकी पत्नी ने कहा कि कोच 1964 में पूर्वी पाकिस्तान से असम आए थे और तब से वो यही थे। बता दें कि जून 2017 में फॉरेन ट्रिब्यूनल कोर्ट ने कोच को विदेशी नागरिक घोषित कर दिया था।  लेकिन परिवारवालों को इसके बारे में कुछ भी पता नहीं था। उनकी पत्नी का कहना है कि अचानक बाजार से पुलिस उनके पति को उठा ले गई।

2009 से 2015 के बीच गोलपारा, कोकराझार, जोरहाट, डिब्रूगढ़, तेजपुर और सिलचर में लगभग 900 व्यक्तियों को हिरासत में रखा गया है। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के निर्देश पर राज्य में 100 विदेशी ट्रिब्यूनलों (FTs) द्वारा घोषित विदेशियों को डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।

असम पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक मई 2019 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 175 घोषित विदेशियों को अब तक जमानत पर रिहा कर दिया गया है, दरअसल कोर्ट का आदेश था कि जिन लोगों ने तीन साल या उससे अधिक की सजा काट ली है, उन्हें सशर्त रिहा किया जाना चाहिए।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली में इसका पुरजोर खंडन करते हुए दावा किया हिंदुस्तान में कोई डिटेंशन सेंटर है ही नहीं। पीएम मोदी ने अपने भाषण में ये भी कहा है कि CAA भारत के किसी हिंदू या मुसलमान के लिए है ही नहीं, ये संसद में बोला गया है और संसद में झूठ नहीं बोला जाता है।

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