कोलकाता | मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक बताते हुए इस पर रोक लगा दी. देश के उच्चतम न्यायलय के इस फैसले पर पुरे देश भर से प्रतिक्रिया आ रही है. जहाँ कुछ लोग इस फैसले का स्वागत कर रहे है वही कुछ मुस्लिम संगठन फैसले से नाराज है. इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के नेता और बंगाल सरकार में मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ही असंवैधानिक ही करार दे दिया है.

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के मास एजुकेशन एक्सटेंशन व लाइब्रेरी सर्विस (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने कहा की सुप्रीम कोर्ट को मुस्लिमो के निजी कानून में दखल देने का कोई अधिकार नही है. कोर्ट का यह फैसला असंवैधानिक है और हम इसे मानने के लिए बाध्य नही है. बताते चले की चौधरी जमियत-ए-हिन्द के अध्यक्ष भी है. उन्होंने कहा की हमारे संगठन की केन्द्रीय कमेटी तीन तलाक के मुद्दे पर दिल्ली में बैठक करेगी.

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चौधरी ने कहा बैठक के बाद हम तय करेंगे की सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या एक्शन लिया जा सकता है? उन्होने आरोप लगाया की सुप्रीम कोर्ट ने बिना इस्लाम की परम्पराओ और अन्य चीजो को जाने ही तीन तलाक पर रोक लगा दी. उन्होंने कहा की कुरान में तीन तलाक का जिक्र नही है जबकि यह सच नही है. हमने पवित्र कुरान की एक सूरत में इसे खोजा है. कोर्ट को इस पर फैसला लेने से पहले हमारे समुदाय के विशेष सदस्यों से सलाह लेनी चाहिए थी.

चौधरी ने तीन तलाक के कुरान में जिक्र होने का दावा करते हुए कहा की हम इस बारे में लोगो को जागरूक करेंगे. हम लोगो को शिक्षित करेंगे जिससे की वो इसका गलत इस्तेमाल न करे. चौधरी के इस बयान पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा की चौधरी ने एक संवैधानिक पद का अपमान किया है. इसके लिए उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए.

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