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नई दिल्ली: मालेगांव ब्लास्ट मामले में लेफ्टीनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है।अदालत ने मामले की एसआईटी से जांच कराने की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह अपनी इस अर्जी को ट्रायल कोर्ट में ही दाखिल करें।

श्रीकांत पुरोहित ने याचिका में कहा कि उन्हें मालेगांव ब्लास्ट मामले में जानबूझ कर फंसाया गया क्योंकि वो आईएसआईएस, सिमी जैसे प्रतिबंधित संगठनों के पीछे कौन है, इसकी जांच कर रहे थे। इतना ही नही उन्होंने आर्मी रिपोर्ट को भी याचिका में संलग्न किया है जिसमें वो अपने काम का सारा ब्यौरा दिया है।

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस रंजन गोगोई, नवीन सिन्हा और केएम जोसेफ की बेंच ने कहा कि पुरोहित की याचिका मामले के जारी ट्रायल में दखल दे सकती है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पुरोहित को ट्रायल कोर्ट में अपने दावे पेश करने की अनुमति दी है। कोर्ट की ओर से यह निर्देश पुरोहित के वकील और वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे की उस बात पर सहमति बनने के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था- किसी को तो इस मामले में दखल देनी होगी।

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वहीं, दूसरी और बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी इस मामले में पुरोहित और अन्य के खिलाफ निचली अदालत द्वारा आरोप तय करने पर रोक की मांग खारिज कर दी। पुरोहित ने बॉम्बे हाईकोर्ट में भी अर्जी दाखिल कर इस पर रोक लगाने की मांग की थी।हाई कोर्ट ने कहा कि गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत आरोपों पर ट्रायल कोर्ट की ओर से ही फैसला लिया जाएगा।

बता दें कि मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईडी) धमाके हुए थे। घटना के दौरान छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 101 लोग जख्मी हुए थे। पुरोहित का नाम इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया था, जो कि इस वक्त जमानत पर बाहर हैं।

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