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देश में आतंकियों के महिमामंडन का सिलसिला शुरू हो चुका है। कहीं पर जमानत पर छूट रहे आतंकियों का जुलूस निकाला जा रहा है तों कहीं पर उन्हे चुनाव लड़ाने की तैयारी की जा रही है। वह भी ऐसे में जब उन्होने अपने ही लोगों की जान ली हो।

मामला मालेगांव ब्लास्ट मामले में आरोपी रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय से जुड़ा है। हिन्दू महासभा अपने टिकट पर पश्चिम बंगाल में जादवपुर निर्वाचन क्षेत्र से उपाध्याय को 2019 के लोकसभा चुनाव में उतारने की तैयारी कर रही है। बता दें कि ध्याय फिलहाल जमानत पर हैं।

इस केस में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, और कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित मुख्य आरोपी हैं, जिन्हें पिछले साल जमानत दी गई थी। 2016 में निचली अदालत ने उपाध्याय की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी थी। बाद में हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। दो अन्य आरोपी सुधाकर चतुर्वेदी और सुधाकर धर द्विवेदी को निचली अदालत से जमानत मिल गई थी।

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बता दे कि महाराष्ट्र के नासिक में स्थित मालेगांव में 29 सितंबर, 2008 को हुए विस्फोट में सात लोग मारे गए थे। इस मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, स्वामी असीमानंद और लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित को मुख्य आरोपी बनाया गया था।एनआईए की विशेष अदालत ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

उस वक्त एनआईए ने जांच के बाद दावा किया था कि इस विस्फोट को दक्षिणपंथी संगठन अभिनव भारत ने अंजाम दिया था। इस मामले में पुरोहित ने साजिश रचने वाली बैठकों में सक्रियता से हिस्सा लिया था। वह विस्फोट में इस्तेमाल करने के लिए विस्फोट का इंतजाम करने के लिए राजी हो गए थे।

रमेश उपाध्याय राजनीति के लिए नए हैं। साल 2012 में भी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर रमेश उपाध्याय उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब हिंदू महासभा ने फिर से रमेश उपाध्याय को अपने टिकट पर पश्चिम बंगाल के जादवपुर से लोकसभा चुनाव लड़ाने का ऐलान किया है।

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