Tuesday, September 21, 2021

 

 

 

शिक्षा और रोज़गार के बिना मुस्लिम युवाओं को मुख्यधारा में लाना मुश्किल, राष्ट्रीय एकता के लिए सामाजिक विकास पर ज़ोर

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जयपुर। भारत में क़रीब पांच लाख छात्रों के संगठन मुस्लिम स्टूडेंट ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इंडिया (एमएसओ) का तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुक्रवार से हिरा इंग्लिश स्कूल पहाड़गंज जयपुर में शुरू हो गया। सम्मेलन में शिक्षा और रोज़गार पर जो़र दिया गया। पहले दिन संगठन के पदाधिकारियों ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया।

शुक्रवार सुबह उद्घाटन सत्र में अध्यक्ष के रूप में मौलाना अंसार क़ादरी ने कहाकि यह आवश्यक नहीं कि जिसके पास शिक्षा हो वह बेहतर व्यक्ति भी साबित हो। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहाकि हथियार बनाने वाले बहुत बड़े वैग्यानिक होते हैं लेकिन यह भी देखा जाना चाहिए कि वह मानव संहारक हथियारों से अपने ही भाई बहनों की मौत का सामान बना रहे होते हैं। उन्होंने कहाकि इस्लाम यहाँ हिदायत बनकर हमें रास्ता दिखाता है कि मानवता के प्रति संवदेनशीलता के बिना कोई शिक्षा कारगर नहीं है।

एमएसओ के सलाहकार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सय्यद मुहम्मद क़ादरी ने कहाकि हर व्यक्ति को ख़ुदा ने बहुत क्षमताओं के साथ पैदा किया है। आप ही में हज़रत अहमद रज़ा हैं और अल्लामा इक़बाल भी लेकिन जब तक हम अपनी क्षमताओं को नहीं पहचानेंगे तब तक हम अपना, समाज और देश का विकास नहीं कर पाएंगे।

संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ख़ालिद अयूब मिस्बाही ने कहाकि 1400 साल पहले जिसे लोग मक्का का सरदार कहते थे उस अबू जहल के पास दुनिया का ग्यान तो था लेकिन उसे यह नहीं मालूम था कि प्रेम, भाईचारा और मानवता की सेवा क्या होती है। ऐसी परिस्थिति में नैतिक शिक्षा का पाठ इस्लाम से समझने की आवश्यकता है। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव शुजात अली क़ादरी ने कहाकि देश की सेवा तब तक नहीं की जा सकती जब तक मुस्लिम युवा शिक्षा और रोज़गार में नहीं आएंगे। और यह तब हो पाएगा जब तक सत्ता, समाज के सभी तबक़े और बुद्धिजीवी मुस्लिम युवाओं को मुख्यधारा में लाने के प्रयासों को गति नहीं देते।

पहले दिन के सत्र के दूसरे दिन पत्रकार अख़लाक़ उस्मानी ने विश्व राजनीति का हवाला देते हुए समझाया कि मुस्लिम वर्ग में जो भी अशांति और आतंकवाद की स्थिति देखी जा रही है वह हथियार बेचने वाले, ईंधन के लुटेरों, अरब के भ्रष्ट शेख़ों, इज़राइल की बदनीयती और वहाबी विचारधारा का परिणाम हैं।

युवाओं ने रखे विचार

मुहम्मद अकरम, जोधपुर- कुरीतियों और भटकाव से मुसलमानों को रोकना होगा। सूफ़ीवाद से ही बुराई को रोका जा सकता है।

हबीबुर्रहमान मुल्तानी, उदयपुर- अल्पसंख्यक कल्याणकारी योजनाओं, सॉ़फ़्ट लोन और कौशल विकास की जानकारी को बढ़ाना होगा।

सद्दाम हुसैन, सिरोही- एमएसओ का कार्य मुस्लिम युवाओं में भरोसा बढ़ाने का कार्य कर रहा है, जिसे और प्रचारित करने की आवश्यकता है।

बच्चों की रैली

आज यानी शनिवार को क़रीब एक हज़ार बच्चों की अल्बर्ट हॉल से रामगंज के दरम्यान रैली निकाली जाएगी जिसमें शिक्षा को आम करने के संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम के संयोजक हाजी रफ़त ने बताया कि रविवार को एमएसओ, नूरी सुन्नी सेंटर विकास समिति और हिरा इंग्लिश स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में बड़ा महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। रैली में बच्चों अपने हाथों मे बैनर लेकर निकलेंगे जिन पर समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए शिक्षा और रोज़गार को जो़ड़ने पर जो़र दिया जाएगा।

आज का कार्यक्रम

बच्चों की रैली के अलावा शनिवार को दिन भर एमएसओ के कार्यक्रम जारी रहेंगे। दो विभिन्न कार्यशालाओं में इस बात को समझाया जाएगा कि सोशल मीडिया का प्रयोग कैसे किया जाए और कैसे इसका लाभ उठाया जाए। विश्व आंतकवाद को समझने के लिए एक और कार्यशाला में यह बताया जाएगा कि ईंधन की लूट और हथियारों को बेचने की राजनीति कैसे कार्य करती है। यह भी बताया जाएगा कि मुख्यधारा में मुसलमानों को लाने के लिए कल्याणकारी योजनाओं का लाभ कैसे उठाया जाए।

हम तक पहुँचें

इंजिनियर शुजात अली क़ादरी

राष्ट्रीय महासचिव (एमएसओ) व संयोजक सम्मलेन 09950595768

Email- [email protected] www.msoofindia.net     ट्वीटर- @shujaatQuadri

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