लखनऊ । अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले राम मंदिर का मुद्दा एक बार फिर बाहर आ गया है। क़रीब 30 सालों से इस मुद्दे पर राजनीति कर रही भाजपा के लिए अब उतनी सहज स्थिति नही है जितनी 2014 में थी। इन 30 सालों में क़रीब 10 साल सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा केवल इस मुद्दे पर राजनीति करती दिख रही है। फ़िलहाल यह मुद्दा सप्रीम कोर्ट में है लेकिन भाजपा की और से लगातार इस पर बयानबाज़ी हो रही है।

लेकिन अब ऐसा प्रतीत हो रहा है की लोगों को भाजपा की राम मंदिर की नीति समझ आने लगी है। ख़ुद कुछ संत लोग भी अब भाजपा को लगातार धमकिया दे रहे है। इसी क्रम में तपस्वी छावनी के उत्तराधिकारी महंत परमहंस दास ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा की अगर 2019 से पहले राम मंदिर नही बना तो वह सरकार के ख़िलाफ़ असहयोग आंदोलन चलाएँगे।

इसके अलावा उन्होंने ऐसा न होने पर आत्मदाह की धमकी भी दे डाली। महंत परमहंस दास ने शुक्रवार को लखनऊ में योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि रामलला की इच्छा से 2019 के चुनाव में आचार संहिता लगने से पहले राम मंदिर निर्माण की घोषणा हो जाएगी। चाहें कोर्ट से हो या कानून बनाकर हो लेकिन 2019 चुनाव से पहले यह होकर रहेगा।

योगी से मुलाक़ात के बारे में उन्होंने कहा की योगी जी ने मेरा स्वागत किया और मुझसे वादा किया की वह जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी से मुलाक़ात कराएँगे। इस दौरान योगी जी ने यह भी कहा की यह आपका व्यक्तिगत मुद्दा नही है बल्कि 100 करोड़ हिंदुओ की आस्था का मामला है। बताते चले की महंत परमहंस इसी मुद्दे पर काफ़ी दिनो से अनशन कर रहे है। लेकिन योगी से मुलाक़ात के बाद उन्होंने अपना अनशन तोड़ दिया।

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